क्या है जाट आंदोलन में हुए दुष्कर्म का सच, SIT जुटी जांच में

क्या है जाट आंदोलन में हुए दुष्कर्म का सच, SIT जुटी जांच में

नई दिल्ली : हरियाणा में जाट आरक्षण के दौरान हुए दुष्कर्म मामले की जांच में एसआइटी की टीम जुट गई है। अब तक इसकी सत्यता पर सवाल उठते रहे है। जांच एजेंसियां कहती आई है कि यह महज एक अफवाह है, लेकिन मौके पर मौजूद सबूतों ने अफवाह को हकीकत में बदल दिया है।

आंदोलन कर रहे जाटों ने एनएच1 के मुरथल हाइवे पर से क्रॉस करने वाली गाड़ियों में न केवल लूटपाट किया बल्कि महिलाओं को गाड़ियों से खींचकर उनके साथ घिनौनी हरकतें भी की। पुलिस ने पीड़ितों से अपील की है कि वो सामने आकर जांच में सहयोग करे। पुलिस ने इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

इसी कड़ी में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि अगर इस मामले में पीड़िता सामने आती है, तो उसे हर संभव मदद के साथ सुरक्षा दी जाएगी। हाइकोर्ट द्वारा दखल के बाद ही इस मामले की जांच शुरु हुई है। पुलिस भले ही इस घटना से मुंह फेर रही हो, लेकिन मौके पर मौजूद सबूत खुद इसकी गवाही दे रहे है।

एक चश्मदीद का कहना है कि हिंसक जाट आंदोलन के दौरान पुरुषों से हाथापाई जरुर हुई, लेकिन बलात्कार जैसी कोई घटना नहीं हुई। उसने कहा कि एक महिला मदद के लिए जरुर आई थी, क्यों कि उसे चोट आई थी। आंदोलन से जुड़ी कुछ तस्वीरें सामने आई है, जिसमें उपद्रवी गाड़ियों के कांच को तोड़ रहे है।