सिद्धार्थ बना 'जिहादी जॉन', IS ने चुना अपना वरिष्ठ कमांडर

लंदन: 32 साल का सिद्धार्थ जो भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है जिसने 10 साल पहले इस्लाम कबूला था, और अपना नाम अबू रुमायश रखकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। सिद्धार्थ के आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर उसके परिवार को भी नहीं थी। मोस्ट वांटेड सिद्धार्थ को अब इस्लामिक स्टेट बताने वाले आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अपना वरिष्ठ कमांडर चुना है जिसे नया "जिहादी जॉन" बताया जा रहा है। यह दावा मीडिया ने किया है।

गौरतलब है की मोहम्मद एमवाजी जो पहले "जिहादी जॉन" के नाम से जाना जाता था, यूएस ड्रोन हमले में मारा गया था। एमवाजी की मौत के बाद सिद्धार्थ को उसकी जगह विदेशी नागरिकों के सिर कलम का जिम्मा सौंपा है। एक यजीदी लड़की निहद बरकत को संगठन द्वारा गुलाम बनाया गया था। संगठन की गिरफ्त से छूटी निहद ने बताया की उसे सिद्धार्थ ने अगवा कर उसकी तसकरी की थी। आईएसआईएस का इराकी गढ़ मोसुल में है और "जिहादी जॉन" वहीँ है।

बरकत ने अपने इंटरव्यू में बताया की सिद्धार्थ ने उसे किरकुक के पास पकड़ा और दूसरे लीडर के पास जो मोसुल में है उधर ले गया। निहद के अनुसार सिद्धार्थ के कब्जे में कई यजीदी महिलाएं सेक्स स्लेव के तौर पर हैं। इतना ही नहीं वह खुद के लिए भी यजीदी लड़कियों को बतौर सेक्स स्लेव रखता था।

अबू रूमायसा के नाम से पहचाना जाने वाला सिद्धार्थ 2014 में संगठन में शामिल होने के लिए अपने परिवार के साथ सीरिया चला गया था। हलाकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है की अबू धर ही ब्रिटेन का मोस्ट वांटेड आतंकी है, लेकिन रिपोर्ट के mutabik निहद सिद्धार्थ उर्फ़ अबू धर का ही जिक्र कर रही है।

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