शवासन योग क्या हैं? जानिए फायदे

शवासन योग क्या हैं? जानिए फायदे

आजकल के दौडभाग के युग में लोग शारीरक और मानसिक थकान और तनाव से पीड़ित रहते हैं. शरीर की थकान दूर करने के लिए और मन को शिथिल करने के लिए शवासन योग सर्वश्रेष्ठ आसन हैं. इस आसन में हमें शव के समान निचेष्ठ लेटना होता हैं और इसीलिए इसे शवासन यह नाम दिया गया हैं. अंग्रेजी में इसे कॉर्प्स पोज़ कहा जाता हैं.  

ऐसे करे शवासन: 

सबसे पहले एक स्वच्छ और समतल जगह पर दरी या चटाई बिछा दे. अब पीठ के बल लेट जाए. दोनों हाथों को शरीर से 6 इंच की दुरी पर रखे. हथेलियों को आसमान की ओर खुली रखे. दोनों पैरों को एक दुसरे से एक फुट दूर रखे. अब धीरे-धीरे पुरे शरीर को शिथिल करे. निचे से ऊपर तक शरीर के एक-एक अंग पर ध्यान देखर सभी अंगो को क्रमशः शिथिल करना हैं. 
मुंह और आँख बंद कर दे. धीरे-धीरे प्रयात्नराहित श्वसन करे. सारा ध्यान केवल श्वसन पर रखे और मन में किसी और विचार को नहीं आने देना है. आसन करते समय आहार नींद आने लगे तो लंबी और गहरी श्वास लेनी चाहिए.

शवासन के फायदे:

1. मानसिक और शारीरिक तनाव दूर होता है. 

2. मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अवसाद, ह्रदय विकार, मनोविकार, अनिद्रा आदि बिमारिओं में उपयोगी हैं. 

3. एकाग्रशक्ति, याददाश्त और विचार प्रणाली को बढाता हैं.

4. शवासन नियमित करने से आत्मविश्वास बढ़ता हैं. 

5. मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढाता हैं. 
 
शवासन में सावधानी:

ऐसे तो हर कोई शवासन कर सकता हैं और शवासन करने से कोई हानी नहीं होती है पर अगर डॉक्टर ने आपको पीठ के बल लेटने को किसी कारणवश मना किया है तो यह आसन नहीं करना चाहिए. शवासन यह आसन देखने में सबसे आसान योगासन हैं पर करने में सबसे कठिन हैं. शवासन करने से सबसे अधिक लाभ होने के कारण इसे अवश्य करना चाहिए. कोई भी योग या शारीरक / मानसिक व्यायाम करने के बाद शवासन अवश्य करना चाहिए.