उस्ताद शुजात खान ने बापू का प्रिय भजन गा कर दी गीतांजलि

उस्ताद शुजात खान ने बापू का प्रिय भजन गा कर दी गीतांजलि

2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर बॉलीवुड के प्रसिद्ध सितार वादक शुजात खान ने गांधी जी को भावपूर्ण गीतांजलि अर्पित करने के लिए एक भावपूर्ण गायन 'वैष्णव जन तो..' गया है। शुजात खान ने अपनी कला से कई दशकों से भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया है। गांधी जी के पसंदीदा 'भजन' से उनको गीतांजलि देने के लिए उस्ताद ने सितार के साथ खुद इस भजन को गाया है।

3 मिनट के इस गीत में महात्मा गाधी के सिद्धांतों, उनकी विचारधारा और सत्य के साथ प्रयोग को याद किया गया। उस्ताद शुजात खान ने 'भजन' के बारे में सूत्रों से कहा, "यह गीत गांधीजी के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भजन था, और यह हमारे जीवन में भी महत्वपूर्ण है। अगर हम दूसरों के दर्द और दुख को समझने में सक्षम हैं तो यह सोच हमारे रास्ते में परिवर्तन ला सकती है।"

इस गीत का निर्माण कवि-संत नरसी मेहता ने 15वीं शताब्दी में किया था। उन्होंने बताया , "यह सुंदर लय है साथ ही 'भजन' के शब्द अधिक खूबसूरत हैं। अगर किसी दिन अहंकार की भावना के बिना आप दूसरों के दर्द को महसूस करने में सक्षम होंगे तो विचार प्रक्रिया में बदलाव होगा। "