शुक्रवार के दिन जागृत करें श्रीयंत्र की शक्ति, पाऐं धन का वरदान

Sep 17 2015 07:57 PM
शुक्रवार के दिन जागृत करें श्रीयंत्र की शक्ति, पाऐं धन का वरदान

शक्ति के जागृत प्रतिबिंब को श्री यंत्र के नाम से भी जाना जाता है। विभिन्न कोणों, वर्गों के संयोजन से बने इस यंत्र में विभिन्न स्थानों पर शक्ति के विभिन्न स्वरूपों का प्रभाव माना जाता है। यही नहीं श्री यंत्र पूर्णतः वैज्ञानिक, गणितीय गणनाओं पर आधारित है लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसका महत्व बहुत माना जाता है। कहा जाता है कि शक्ति के विभिन्न स्वरूपों में से काली, त्रिपुर सुंदरी  राजराजेश्वरी, तारा, चंद्रघंटा, सरस्वती, महाबीजा, लक्ष्मी आदि का वास श्रीयंत्र में होता है। श्रीयंत्र के पूजन और स्थापना से परिवार में समृद्धि रहती है और घर धन - धान्य से भरा रहता है।

माना जाता है कि श्रीयंत्र को यदि कुमकुम या फिर गुलाब अथवा कोई लाल पुष्प प्रतिदिन अर्पित किया जाए तो धन - संपदा से व्यक्ति संपन्न रहता है। उसे ऐश्वर्य और अन्य सुखों की प्राप्ति होती है। शुक्रवार के दिन इसका पूजन बेहद पुण्यदायक माना जाता है। शुक्रवार को श्रीयंत्र का पूजन - अर्चन करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है। दरअसल शुक्रवार देवी आराधना के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस दिन श्रीयंत्र की स्थापना करना पुण्यप्रद होता है।

यूं तो श्रीयंत्र त्रिलौह, तांम्र यानि तांबा, चांदी, सोना आदि में निर्मित किया जाता है लेकिन स्फटिक से निर्मित श्रीयंत्र भी शुभ फलदायी होते हैं। इनका पूजन करने के लिए शुक्रवार के दिन करें। श्रीयंत्र की स्थापना से पूर्व श्री गणेश, शिव, पार्वती, विष्णु, गरूड़ आदि देवों का आह्वान कर उनका पूजन करें। श्रीयंत्र को एक पात्र में रखकर उसका जल और दूध से अभिषेक करें इसके बाद श्रीयंत्र का पूजन  कंकु, गंध, सुगंधित द्रव्य अथवा इत्र, लाल पुष्प - गुलाब, आदि श्रीयंत्र को समर्पित करें।

श्रीयंत्र पर अष्टगंध लगाऐं। श्रीयंत्र से समृद्धि की कामना करें। श्रीयंत्र को प्रसन्न करने के लिए श्रीमत् त्रिपुर सुंदरी की आराधना करें। श्रीयंत्र का सहस्त्र पुष्प अभिषेक करें। गुलाब के फूलों से दैवी के सहस्त्र नामों से श्रीयंत्र का अभिषेक करने से यह बेहद शुभ फल प्रदान करता है।