श्रावणी उपाकर्म कर मनाया रक्षाबंधन पर्व

Aug 30 2015 10:00 AM
श्रावणी उपाकर्म कर मनाया रक्षाबंधन पर्व

लखनऊ : देशभर में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्रावणी पूर्णिमा के तौर पर मनाया गया। इस दौरान श्रावणी उपाकर्म किया गया। जिसमें ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नदी और सरोवरों में स्नान कर अपनी जनेऊ बदली। इसके बाद ब्राह्मणों ने पितरों और सूर्य को अध्र्य देकर पितरों को भी तर्पण किया। इस दौरान सप्तऋषियों और रक्षा सूत्र का पूजन किया गया। मिली जानकारी के अनुसार श्रावणी उपाकर्म के बाद सभी लोग यजमानों के घर रक्षा सूत्र बांधने के लिए निकल पड़े। इसके अतिरिक्त पूरे प्रदेश में इस पर्व को मनाने के लिए सैकड़ों लोगों ने गंगा, यमुना गोमती और दूसरी सहायक नदियों में स्नान किया।

इस दौरान यह बात सामने आई कि श्रावणी उपाकर्म पौराणिक मान्यताओं के आधार पर किया जाता है। इस दौरान वेदों की ऋचाओं का गायन होता है और मंत्रों के उच्चारण के बीच ब्राह्मण अपनी जनेऊ बदलते हैं। माना जाता है कि यह ब्राह्मणों का मुख्य संस्कार होता है। यह देशभर में होता है।

इस दौरान मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन, महेश्वर, ओंकारेश्वर समेत अन्य स्थलों पर ब्राह्मणों ने विधिवत पूजन के बाद श्रावणी उपाकर्म किया वहीं लखनऊ में भी इसकी धूम रही। उत्तरप्रदेश में ब्राह्मणों ने गंगा, यमुना, गोमती और अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्यलाभ लिया।