मृतात्माओं की इच्छा की पूर्ति के लिए किए जाते हैं श्राद्ध

Oct 01 2015 08:02 PM
मृतात्माओं की इच्छा की पूर्ति के लिए किए जाते हैं श्राद्ध

श्राद्ध पक्ष की महिमा बेहद अपरंपार है। श्राद्ध करने से मृतात्माओं की इच्छाओं की पूर्ति तो होती ही है साथ ही श्राद्ध से पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। सौलह श्राद्ध से पितर तर जाते हैं। श्राद्ध पक्ष में पंचमी की तिथि का श्राद्ध अनेक संतानों की प्राप्ति देता है। यही नहीं शुक्रवार आने पर यह धन भी बढ़ाता है। दूसरी ओर श्राद्ध से जीवों को भी तृप्ति मिलती है और जीवों के माध्यम से जीवात्मा तर जाता है।

श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन करवाने के साथ उसे सीदा दिया जाता है। यह सीदा ब्राह्मण को प्रसन्न करता है। उसके आशीर्वाद से पितरों की तृप्ति होती है। साथ ही कौए या पशु को ग्रास खिलाने से भी कल्याण होता है। आज के समय में स्त्रियां श्राद्ध विधि करती हैं लेकिन पहले एसा नहीं होता था। संधि काल में श्राद्ध नहीं किया जा सकेगा। आपातकाल में श्राद्ध करने के कुछ नियम होते हैं।