मोदी सरकार के फैसले से गदगद शिवसेना, कहा- राफेल से ज्यादा जरुरी नई शिक्षा नीति

मोदी सरकार के फैसले से गदगद शिवसेना, कहा- राफेल से ज्यादा जरुरी नई शिक्षा नीति

मुंबई: देश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े परिवर्तन का ऐलान हुआ है. केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार 29 जुलाई को देश में नई शिक्षा नीति का ऐलान किया है, जिसके तहत प्राइमरी से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक की शिक्षा में बड़े और महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं. अब शिवसेना ने भी मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति का स्वागत किया है. शिवसेना के मुखपत्र सामना के एक लेख में नई शिक्षा नीति को राफेल लड़ाकू विमान की खरीद से अधिक आवश्यक बताया गया है.

इसके साथ ही पीएम मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने देश में शिक्षा का जिम्मेदारी संभाल रहे मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम भी बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया है. सरकार की नई शिक्षा नीति में व्यावहारिकता और कौशल विकास पर फोकस किया गया है. जिस पर सामना के संपादकीय में लिखा गया है कि मोदी सरकार ने 34 वर्षों के पश्चात देश की शिक्षा नीति को पूरी तरह बदल दिया है.

सामना में शिवसेना ने कहा है कि नया शिक्षा मंत्रालय बनने के साथ ही इसकी जिम्मेदारी किसी जानकार शख्स को दी जानी चाहिए. शिवसेना ने तंज करते हुए कहा है कि सरकार के अंतर्गत कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें आर्थिक मामलों की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें मंत्रालय मिला हुआ है. इसके साथ ही सामना में शिवसेना का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी ऐसे लोगों के हाथों में है, जिन्हें चिकित्सा विभाग के बारे में जानकारी तक नहीं है.

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