शिवसेना का पीएम मोदी से सवाल- क्या किसानों की आत्महत्या ही है 'अच्छे दिन'?

महाराष्ट्र में लगातार आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे किसानों के मुद्दे पर सोमवार को शिवसेना ने पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या यही उनके 'अच्छे दिन' के वादे हैं? इसके अलावा शिवसेना ने केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सरकारों पर जमकर निशाना साधा. शिवसेना ने आरोप लगाया कि जिनलोगों ने आत्महत्या की है वो सरकार की नीतियों की वजह से बढ़े बोझ, संसाधनों की कमी और गरीबी के चलते ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हुए है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा है कि "वास्तविकता यह है कि महाराष्ट्र गंभीर संकट में है और लोगों को भूखे रहना पड़ता है, उनके पास जरूरतों की पूर्ति के साधन नहीं है. इसलिए पूरा-पूरा परिवार खुदकुशी कर रहा है. आत्महत्या की ये घटनाएं न सिर्फ मुफ्फसिल इलाके में, बल्कि मुंबई में भी हो रही हैं." शिवसेना ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले सप्ताह सरकारी कर्मचारी राजेश भिंगरे द्वारा आत्महत्या करने की घटना से मुंबई एक बार फिर सन्न रह गई. घर का खर्च चलाने में लाचार भिंगरे ने दो बच्चे और पत्नी समेत खुदकुशी कर ली.

शिवसेना ने आरोप लगाते हुए कहा कि, "कर्ज के बोझ से दबे किसानों की आत्महत्या की घटनाएं अबतक सिर्फ विदर्भ में देखी जाती थीं, मगर अब मुंबई समेत पूरे राज्य से इस तरह की रपट मिल रही है. लोग गरीबी और भूख से निराश हैं और आत्महत्या कर रहे हैं." इसके आलावा पीएम मोदी और सीएम फडणवीस पर निशाना साधते हुए सामना में लिखा गया कि, 'दोनों बार-बार विदेशों के दौरे पर जाते हैं और वहां से लौटने पर हर बार विकास और समृद्धि लाने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जो कहीं दिखती नहीं है.'

 

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