शिवसेना को याद आए अटल जी, कहा- उस वक़्त सहयोगी दलों का सम्मान होता था

शिवसेना को याद आए अटल जी, कहा- उस वक़्त सहयोगी दलों का सम्मान होता था

मुंबई: शिवसेना ने शनिवार को इकॉनमी, व्यापार और कृषि पर पीएम मोदी नीत NDA सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए और आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार एयरपोर्ट्स, एअर इंडिया तथा रेलवे के निजीकरण की तरफ बढ़ रही है तथा किसानों के जीवन का नियंत्रण व्यापारियों और प्राइवेट क्षेत्र को दे रही है। शिवसेना ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र ने अपने सहयोगियों, किसान संगठनों या विपक्षी पार्टियों के साथ सलाह-मश्वरा किये बगैर कृषि पर विधेयक पेश किए और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के त्यागपत्र से यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गयी है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के एक आर्टिकल में लिखा है कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के समय का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अलग था क्योंकि वे NDA के घटक दलों का सम्मान करते थे और उनसे सलाह-मश्वरा किया करते थे। सामना में लिखा है कि, शिरोमणि अकाली दल की सदस्य हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। मोदी सरकार दो किसान-विरोधी बिल लेकर आई है और उन्होंने इसके विरोध में त्यागपत्र दिया है। उनके इस्तीफे को कबूल कर लिया गया है।

सामना में लिखा है कि शिवसेना पहले ही NDA से अलग हो चुकी है और अब अकाली दल ने भी ऐसा ही कदम उठाया है। शिवसेना ने कहा, वाजपेयी और आडवाणी के वक़्त राजग के सहयोगी दलों को सम्मान, लगाव और भरोसे के साथ देखा जाता था। नीतिगत फैसलों पर परामर्श होता था और भाजपा नेता सहयोगी दलों की सलाहों को सुनते थे। उस वक़्त कहे गए शब्दों का मान होता था। 

लव जिहाद और धर्मान्तरण की घटनाएं बढ़ीं, हिन्दू समाज से आए सबसे ज्यादा पीड़ित- मोहसिन रजा

पाक की सक्रीय सियासत में वापसी कर सकते हैं नवाज़ शरीफ, बिलावल भुट्टो ने दिया आमंत्रण

कांग्रेस नेता चिदंबरम का बड़ा बयान, कहा- सभी पार्टियां तय करें वो किसान के साथ या भाजपा के ?