फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने वाली एक्ट्रेस काजोल आज बॉलीवुड की सुपरस्टार हैं। उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और अपने करियर में हमेशा "नो किस पॉलिसी" का पालन किया था। लेकिन 50 साल की उम्र में अभिनेत्री ने ऑनस्क्रीन लिपलॉक सीन देकर सबको चौंका दिया।
काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को हुआ था। उनकी मां, तनुजा, भी बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रही हैं। काजोल ने अपनी मां की तरह ही दमदार एक्टिंग से लोगों के दिलों पर राज किया है।
काजोल शुरू से ही एक्ट्रेस बनना चाहती थीं। उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और 16 साल की उम्र में, 1992 में रिलीज हुई फिल्म ‘बेखुदी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, काजोल को असली पहचान शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘बाजीगर’ से मिली। यह फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और काजोल रातों-रात स्टार बन गईं।
सुपर-डुपर हिट फिल्में देने के बावजूद काजोल को सांवले रंग की वजह से काफी ट्रोल किया जाता था। एक पुराने इंटरव्यू में, काजोल ने स्किन टोन के लिए ट्रोल किए जाने और बॉडी शेम किए जाने पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें उनके स्किन टोन के आधार पर जज किया जाता था। काजोल ने बताया था कि उन्हें सांवली, मोटी और हर समय चश्मा पहनने वाली कहा जाता था। हालांकि, उन्होंने इन सभी कमेंट्स की कभी परवाह नहीं की।
काजोल ने आगे कहा था, “इसलिए, मैं वैसा ही बनी रही और इसे कभी शो नहीं होने दिया। देर-सबेर, जब वे मुझे नीचे नहीं खींच सके, तो दुनिया ने मुझे वैसे ही गले लगा लिया जैसे मैं थी।”
काजोल ने अपने करियर में ‘ये दिल्लगी’, ‘गुप्त’, ‘हम आपके दिल में रहते हैं’, ‘करण अर्जुन’, ‘गुंडाराज’, ‘दुश्मन’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘माई नेम इज खान’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘फना’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। 1995 में काजोल को यश चोपड़ा की रोमांस-ड्रामा ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (डीडीएलजे) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। शाहरुख खान के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को बहुत पसंद आई थी।
2011 में, काजोल को भारतीय सिनेमा में उनके अपार योगदान के लिए चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार - प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
काजोल की प्रोफेशनल लाइफ तो बेहद सक्सेसफुल रही ही, वहीं उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी अच्छी रही है। काजोल ने अभिनेता अजय देवगन से तब शादी की, जब वह अपने करियर के पीक पर थीं। कपल के एक बेटी, निसा देवगन, और एक बेटा, युग देवगन, हैं।
काजोल ने हमेशा से अपनी फिल्मों में 'नो किसिंग पॉलिसी' का पालन किया। उन्होंने अपनी फिल्मों में इंटीमेट सीन देने से परहेज किया।
50 साल की उम्र में, काजोल ने ऑनस्क्रीन लिपलॉक सीन देकर सबको चौंका दिया। इस कदम ने दर्शकों के बीच काफी चर्चा पैदा की। यह दिखाता है कि काजोल हमेशा नई चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहती हैं और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। काजोल की कहानी हमें यह सिखाती है कि सच्ची मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनके जीवन की यह यात्रा प्रेरणादायक है और यह बताती है कि कैसे उन्होंने अपने करियर और पर्सनल लाइफ में संतुलन बनाए रखा।
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