शंकराचार्य ने सांईबाबा के विवादास्पद बयान पर मांफी मांगी

By Harish Parmar
Sep 25 2015 02:56 PM
शंकराचार्य ने सांईबाबा के विवादास्पद बयान पर मांफी मांगी

इंदौर। गौरतलब है की जून 2014 में द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य ने सांईबाबा पर एक विवादित टिप्पणी में कहा था की सांईबाबा कोई भगवान नही है वह सिर्फ मुसलमान है व देश की जनता को उनकी पूजा नही करना चाहिए. द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के इस बयान पर मध्यप्रदेश इंदौर में रहने वाले राजेश मन्नूभाई सिनसागिया ने शकंराचार्य के इस विवादास्पद बयान से दुखी होकर उनके खिलाफ अश्विनी अध्यारू वकील के द्वारा जिला अदालत में परिवाद दायर किया था. व 7 जुलाई 2014 को एसीजेएम दीपक कुमार पांडे ने विवादास्पद बयान पर द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य पर भादवि की धारा 298 ए के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए थे. निचली अदालत के इस आदेश को निरस्त करने के लिए शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी. 

व इसी केस के तहत गुरुवार को इस मामले में न्यायमूर्ति एससी शर्मा की पीठ में सुनवाई हुई व शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के वकील के रूप में ग्वालियर के वकील अनिल मिश्रा ने पैरवी की व उन्होंने कहा की शंकराचार्य ने अपने इस बयान पर मांफी मांगी है व आगे से ऐसी किसी भी टिप्पणी को न दोहराने के आश्वासन के बाद ही कोर्ट ने यह याचिका समाप्त कर दी. शंकराचार्य के वकील ने कहा की उनका किसी की भी धार्मिक भावनाओ को ठेस पहंचने ka उद्देश्य नही था.