इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बनते-बनते सिंगर बन गए शंकर महादेवन

आज बॉलीवुड में अपनी आवाज से लाखों दिलों पर राज करने वाले गायक शंकर महादेवन का जन्मदिन है. जी हाँ, आज वह अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं. आप सभी को बता दें कि शंकर का जन्म 3 मार्च 1967 को मुंबई में हुआ था और शंकर सिंगर होने के साथ-साथ कंपोजर भी हैं यह बात आप सभी जानते ही होंगे. ऐसे में आप सभी को बता दें कि उन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए हैं और इसके साथ ही वह टीम शंकर-अहसान-लॉय के लीड सिंगर भी हैं. इसी के साथ उन्होंने कई भाषाओं में गाने गाए हैं. शंकर माधवन ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगू, मराठी, कन्नड़ फिल्मों के लिए भी गाने गाए हैं और संगीत सीखने का यह सिलसिला 5 साल की उम्र में शुरू हुआ था.

आप सभी को बता दें कि शंकर महादेवन ने अपनी शुरूआती पढ़ाई मुंबई के चेम्बूर में ओएलपीएस स्कूल से की थी और उसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपने आगे की पढ़ाई की थी. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में जाने के बाद भी उनका म्यूजिक में इंटरेस्ट खत्म नहीं हुआ और वह हमेशा उससे जुड़े रहे. वहीं साल 1998 में उनकी पहली एल्बम ब्रीथलेस आई, और यहीं से उनके करियर की शुरुआत हुई जो आज एक अच्छे मुकाम पर पहुँच चुकी है. जी हाँ, शंकर माधवन की पहली एल्बम काफी पसंद की गई और इस एल्बम के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में पहचान बनाई जिसके बाद उनकी पहचान बनती गई और आज वह बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर बन चुके हैं.

आप सभी को बता दें कि साल 2011 में शंकर महादेवन ने अपने ही नाम से ऑनलाइन अकेडमी की शुरुआत की और उस एकेडमी के जरिए शंकर दुनियाभर के छात्रों को म्यूजिक की शिक्षा देने का काम कर रहे हैं. आप सभी को बता दें कि उनको पहला नेशनल अवॉर्ड ए.आर रहमान के साथ तमिल फिल्म 'कांदोकंदनीं-कांदोकंदनीं' के लिए मिला था. इसके अलावा उन्हें चार बार नेशनल अवॉर्ड और तीन बार बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड और एक बार बेस्ट म्युजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड मिल चुका है.

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