यहां की जनता नहीं चाहती अपने कलेक्टर का ट्रांसफर

शाजापुर: यह ऐसा पहला मामला होगा जब शाजापुर की जनता अपने यहां के कलेक्टर राजीव शर्मा का ट्रांसफर नहीं होने देना चाहती है। जिस तरह से राजीव शर्मा की लोकप्रियता बनी हुई है, उसका ही यह कारण है कि जैसे ही उनके स्थानांतरण की खबर शाजापुर के लोगों को मिली, ये सरकार के विरोध में उतर गये।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में विभिन्न शहरों के कलेक्टरों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण किये है। लेकिन शाजापुर के लोग अपने कलेक्टर को जाने नहीं देना चाहते। शाजापुर के लोग बताते है कि राजीव शर्मा जैसे कलेक्टर कभी नहीं मिल सकते।

 वे न केवल लोगों की समस्याओं को सुनते है बल्कि वे सुलभता से उपलब्ध भी हो जाते है। कलेक्टर के स्थानांतरण से नाराज लोग सरकार के आदेश का विरोध कर रहे है तथा सोश्यल मीडिया पर कलेक्टर का स्थानांतरण रूकवाने के लिये अपील करने में जुटे हुये है। संभवतः ऐसा पहला ही यह मामला होगा जब किसी शहर के लोग कलेक्टर का स्थानांतरण रूकवाने के लिये सरकार से अड़ गये है। 

नाराजगी का खामियाजा मिला-
⦁   बताया गया है कि कलेक्टर राजीव शर्मा को बीजेपी नेताओं की नाराजगी का खामियाजा मिला है और इसी                 प्रमुख वजह से उनका स्थानांतरण कर दिया। सरकार ने उन्हें मंत्रालय में बतौर उपसचिव के रूप में नियुक्ति दी है।       बताया गया है कि स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनकी शिकायत मंत्री दीपक जोशी से कर दी थी।
⦁   शिकायत की गई थी कि कलेक्टर उनकी सुनते नहीं है, यही कारण रहा कि उन्हें कलेक्टर पद से मुक्त करते हुये           उपसचिव बना दिया गया। हालांकि कलेक्टर शर्मा का कहना है कि स्थानांतरण सामान्य प्रक्रिया है और वे अपनी नई     जगह अवश्य जायेंगे।

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