एसजीपीसी से बर्खास्त कर्मचारी करेंगे धर्म परिवर्तन

अमृतसर : शिरोमणि कमेटी में से नौकरी से बर्खास्त किए गए कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों में उनकी नौकरी बहाल नहीं की गई तो वे मजबूरन परिवारों सहित धर्म परिवर्तन कर लेंगे.बुलारिया मेमोरियल पार्क में हुई बैठक के बाद कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की.

उल्लेखनीय है कि शिरोमणि कमेटी ने 523 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. बर्खास्त लोगों का कहना है कि शिरोमणि कमेटी प्रधान या अन्य अधिकारियों से कई बार नौकरी बहाल करने की अपील कर चुके हैं लेकिन किसी ने भी उनके प्रति गंभीरता नहीं दिखाई और न ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने  उनका मामला उठाया है.जबकि कई कर्मचारी तो इस नौकरी से ही अपने परिवारों का पालन-पोषण करते थे.धर्म परिवर्तन करना आसान नहीं है , लेकिन यह निर्णय मजबूरी में लिया गया है.

जबकि दूसरी ओर बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की पैरवी करने वाले न्यू फ्लावर्ज एजुकेशन सोसायटी के प्रधान हरपाल सिंह यू.के. ने कहा कि शिरोमणि कमेटी की ओर से 523 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला सिख इतिहास में काले अक्षरों के साथ लिखा जाएगा. उन्होंने इस विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया कि शिरोमणि कमेटी प्रधान एक तरफ धर्म प्रचार लहर शुरू कर बड़ी संख्या में परिवारों को सिखी की धारा से जोडऩा चाहते हैं, वहीं इन जुड़े हुए गरीब और जरूरतमंद कर्मचारियों को तोड़ रहे हैं. पीड़ित परिवारों द्वारा धर्म परिवर्तन कर लिए जाने पर एस.जी.पी.सी. के प्रधान को सिख पंथ कभी माफ नहीं करेगा.

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