बढ़ा सेवा व्यापार की रीडिंग का आंकड़ा

बढ़ा सेवा व्यापार की रीडिंग का आंकड़ा

मुंबई : अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सूचना सेवा कंपनी मार्केट के एक प्रमुख सर्वेक्षण के मुताबिक, अगस्त महीने में सेवा उद्योग में मजबूती दर्ज की गई। देश के लिए निक्केई सेवा व्यापार गतिविधि सूचकांक की रीडिंग अगस्त में 51.8 रही, जो जुलाई में 50.8 थी। रीडिंग के 50 से ऊपर रहने से क्षेत्र में विस्तार और इसके 50 से नीचे रहने पर क्षेत्र में संकुचन का पता चलता है। मार्केट की अर्थशास्त्री पॉलियाना डी लिमा ने कहा, "देश की समग्र अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र में तेजी के कारण मजबूत रही।" डी लिमा ने कहा, "ताजा पीएमआई आंकड़े का एक अहम पहलू श्रम बाजार की स्थिति है। विनिर्माण और सेवा दोनों तरह की कंपनियों ने अगस्त में कर्मचारियों की संख्या यथावत रखी है। 2014 से रोजगार सृजन में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है।"

आंकड़े के मुताबिक, अगस्त में लगातार नौवें महीने सेवा कंपनियों की लागत में वृद्धि दर्ज की गई। इसकी वजह से अगस्त में कंपनियों का बिक्री मूल्य भी बढ़ गया। उधर, सेवा और विनिर्माण दोनों व्यापारों का प्रतिनिधित्व करने वाले सूचकांक निक्केई इंडिया कंपोजिट पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की रीडिंग 52.6 रही, जो जुलाई में 52 थी। आंकड़े के मुताबिक, अर्थव्यवस्था में आई मजबूती में सेवा क्षेत्र का ही योगदान रहा, क्योंकि विनिर्माण उत्पादन अगस्त में कम रहा है।

कंपोजिट पीएमआई के लिए देश की करीब 700 कंपनियों से मासिक आधार पर प्रश्नावलियों के जरिए आंकड़ इकट्ठा किए जाते हैं। सर्वेक्षण में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुख्य दरों में कटौती की संभावना की ओर भी इशारा किया गया है। डी लिमा ने कहा, "आर्थिक विकास में सुस्ती और महंगाई का दबाव घटने के कारण दर कटौती की संभावना है।" रिजर्व बैंक ने 2015 में रेपो दर कुल 75 आधार अंक घटाई है, जो अभी 7.25 है। रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से छोटी अवधि के कर्ज लेते हैं।