मुंबई ट्रैन विस्फोट मामले में 30 सितंबर को होगी सुनवाई

Sep 24 2015 06:11 AM
मुंबई ट्रैन विस्फोट मामले में 30 सितंबर को होगी सुनवाई

मुंबई। मुंबई में 11 जुलाई 2006 को लोकल ट्रेनों में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाके मामले में सरकारी वकील ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) अदालत के सामने बुधवार को 12 अपराधियो में से 8 के खिलाफ फांसी की सजा और 4 के खिलाफ उम्रकैद की मांग रखी है। इससे पहले बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के सामने अपनी बात रखी थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने 30 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रखा है।

बात दे की लोकल ट्रेनों में विस्फोट के मामले में गिरफ्तार आरोपी कथितरूप से प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य हैं। अदालत ने 13 आरोपियों में से 12 लोगों को हाल ही में अपराधी ठहराया था जबकि एक आरोपी को सबूतो की कमी के चलते रिहा कर दिया था। विशेष मकोका अदालत के न्यायाधीश वाई. डी. शिंदे के समक्ष विशेष सरकारी वकील राजा ठाकरे ने जिरह करते हुए कहा कि लोकल ट्रेन में बम रखने वाले 8 आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

ठाकरे ने उच्चतम न्यायालय के कुछ सजा का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि कई विशेष मामलों में अदालत ने फांसी की सजा दी है। उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेन में उस दिन हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में 189 लोग मारे गए थे और 820 से अधिक लोग घायल हो गए थे। दोषियों को इस गुनाह के लिए फांसी की सजा मिलनी चाहिए। बता दे की ठाकरे ने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है और कहा है की अपराधियो को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।