कैसे सफल होंगे भारत के प्रयास, बासित से मिले अलगाववादी नेता

Feb 10 2016 10:11 AM
कैसे सफल होंगे भारत के प्रयास, बासित से मिले अलगाववादी नेता

नई दिल्ली : पाकिस्तान और भारत के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बनने के लिए कई तरह की मुश्किलें हो रही हैं। दरअसल जहां भारत और पाकिस्तान के आलानेता और सरकार एक दूसरे के साथ समन्वय कर आतंकवाद पर चर्चा की बात कर रहे हैं तो दूसरी ओर पाकिस्तान के हाईकमिश्नर अब्दुल बासित ने कल जम्मू - कश्मीर के अलगाववादी नेता से मुलाकात की। हाल ही में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से अब्दुल बासित ने भेंट की।

इस भेंट में अलगाववादियों ने कश्मीर मसले पर चर्चा की। सैयद अली शाह गिलानी से चर्चा के बाद बासित ने इस बात की संभावना जताई कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान के मध्य चर्चा से सुलझाया जा सकता है। गिलानी के प्रवक्ता अयाज अकबर द्वारा यह कहा गया है कि बासित कश्मीर के नेता के स्वास्थ्य का हाल जानने हेतु उनके घर गए थे। अकबर ने कहा कि अब्दुल बासित और सैयद गिलानी के बीच चर्चा हुई। जिसमें यह बात कही गई कि दोनों देशों के बीच चर्चा में भारत गंभीर नहीं है। बासित ने कश्मीर के ही साथ हुर्रियत प्रमुख मीरवाईज उमर फारूख से भेंट की थी।

हालांकि बासित ने अलगावादी नेताओं को कश्मीर के हिस्से के तौर पर गिलगिट बाल्टिस्तान के शामिल होने का आश्वासन दिया लेकिन उनकी इस तरह की बातों से भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली शांति वार्ता पर संशय बन गया। दरअसल यह माना जा रहा है कि अलगाववादी घाटी में भावनाऐं भड़काने के लिए जाने जाते हैं जो कि पाकिस्तान के समर्थन वाली मानी जाती हैं ऐसे में इस बात पर आरोप रहता है कि पाकिस्तान भारत से कश्मीर मसले के अलावा आतंकवाद को रोकने के लिए चर्चा करना चाहता है या नहीं।

मिली जानकारी के अुसार अब्दुल बासित ने चर्चा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कश्मीर मसले पर समर्थन प्रदान करने के लिए धन्यवाद जरूर दिया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान कश्मीरियों के प्रतिनिधियों के तौर पर हुर्रियत  नेताओं को भारत - पाक वार्ता में शामिल करने की वकालत करता रहा है।