रेल में सफर करना बढ़ा सकता है बुजुर्गों की परेशानी!

Sep 05 2015 11:42 AM
रेल में सफर करना बढ़ा सकता है बुजुर्गों की परेशानी!

नई दिल्ली : अब रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा किराए में दी गई रियायती सुविधा में छूट को सीमित कर दिया गया है। जी हां, यदि अब बुजुर्ग माता-पिता अपने परिवार के साथ किसी यात्रा पर गए और उन्होंने रेलवे कोच में आरक्षण किया तो उन्हें रियायती किराए का लाभ नहीं मिलेगा। इस मामले में कहा गया है कि यदि वे आरक्षण का लाभ चाहते हैं तो उन्हें अपना टिकिट अलग से लेना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उन्हें पूरे किराए का भुगतान करना होगा। इस मामले को लेकर तर्क दिया गया है कि बुजुर्ग कोटे को लेकर अन्य तरह का दावा न कर सके।

अब तक 45 वर्ष से अधिक आयु की महिला या फिर एक बुजुर्ग और एक गर्भवती महिला भी रियायती किराए के प्रावधानों में शामिल की जाती रही हैं। दरअसल ऐसा किए जाने का कारण बताया गया है कि इस कोटे का लाभ कोई और न ले सके। हालांकि इस तरह के बदलाव में एक परेशानी यह है कि यदि सीनियर सिटीजन बुजुर्ग होते हैं तो अलग कोच में आरक्षण मिलने के कारण वे अटेंडेंट या फिर अपने परिजन से अलग हो जाऐंगे। ऐसे में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।