ओड-इवन के बीच सेकंड हैंड कार बाजार की चांदी

ओड-इवन के बीच सेकंड हैंड कार बाजार की चांदी

देश की राजधानी में इन दिनों ओड-इवन फॉर्मूले को लेकर गाड़ियों का चलन प्रभावित हुआ है. जहाँ एक दिन यहाँ ओड गाड़ियां बाहर निकल रही है तो वहीँ दूसरे दिन इवन गाड़ियों को सड़क पर देखने को मिल रहा है. इस बीच यहाँ बाजार से यह खबर सामने आ रही है कि सेकंड हैंड कारों के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है. मामले में डीलर्स का यह कहना है कि दिल्ली में ओड-इवन फॉर्मुले के चलते पुरानी गाड़ियों की मांग में बढ़ोतरी आई है.

यह भी बताया जा रहा है कि पहले की बजाय यहाँ 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी सामने आ रही है. डीलर्स का कहना है कि लोगो का रुख यहाँ दो कारें रखने को लेकर अच्छा बना हुआ है. बताया जा रहा है कि जिन लोगों के पास इवन कार है वे ओड और जिन लोगो के पास ओड कार है वे इवन कार को खरीदने को लेकर सामने आ रहे है. और इसके साथ ही यह भी देखने को मिल रहा है कि लोग डीजल की बजाय पेट्रोल गाड़ियों को खरीदने को तवज्जो दे रहे है.

क्योकि पेट्रोल कारों में आसानी से CNG किट लगाई जा सकती है. इस मामले में विश्लेषकों ने यह बताया है कि कई डीलर्स तो ऐसे भी है जो ऑनलाइन ही ऑड-ईवेन कार सर्च ऑप्शन भी दे रहे हैं. और उनके इस फीचर से ट्रैफिक भी बढ़ने लगा है. गौरतलब है कि 1 जनवरी से दिल्ली में 15 दिनों के लिए ओड-इवन फॉर्मूले को शुरू किया गया है और इस फॉर्मूले से प्रदुषण को कम किये जाने की उम्मीद लगाई जा रही है. सेकंड हैंड कार मार्केट को इस फॉर्मूले के लागू किये जाने से बहुत फायदा होते हुए दिखाई दे रहा है.