ऑड-इवन फॉर्मूले के विरोध में स्कूल प्रशासन पहुंचा हाईकोर्ट

ऑड-इवन फॉर्मूले के विरोध में स्कूल प्रशासन पहुंचा हाईकोर्ट
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नई दिल्ली : पहले ही सम-विषम फॉर्मूले को प्रायोगिक रुप से लागू किए जाने पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे है। अब इस मामले को लेकर स्कूल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ने इय योजना पर स्टे लगाने से मना कर दिया है। दिल्ली में 1 जनवरी से 15 जनवरी तक ट्रायल बेसिस पर ऑड-इवन फॉर्मूले पर गाड़ियाँ चलेंगी। दिल्ली सरकार ने पहले ही सभी स्कूलों को अपनी बसें सार्वजनिक परिवहन के लिए देने का आदेश दिया था।

अब निजी स्कूलों की एक्शन कमेटी ने इसे तुगलकी फरमान करार दिया है और हाइ कोर्ट पहुंच गए है। 30 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई होनी है। इस याचिका में अदालत से कहा गया है कि 21 दिसंबर को दिए गए इस आदेश के तहत यदि स्कूल नियम का पालन नही करती है, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है।

निदेशालय ने यह भी कहा है कि आदेश न मानने पर बसों के परमिट, पंजीकरण प्रमाण पत्र, इंश्योरेंस व फिटनेस सर्टिफइकेट के साथ शिक्षा निदेशालय के कार्यालय में उपस्तित हो। स्कूल का कहना है कि यह नियम के खिलाफ है, इसलिए अदालत इस पर रोक लगाए। इस योजना के तहत पहले ही प्राइवेट बस ऑपरेटर अपनी बस देने को तैयार हा, फिर बसों के लिए प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी करने का क्या मतलब है।

जनवरी में सीबीएसई की प्री बोर्ड परीक्षाएं व दाखिले का काम होता है। साथ ही अधिकांश स्कूल बसों में एक ही गेट होते है, ऐसे में इन बसों को सार्वजनिक रुप से चलाने में सरकार को कई तरह की परेशानियां भी होगी।

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