केंद्र ने सोशल जस्टिस को खिड़की से बाहर फेंक दिया हैः SC

नई दिल्ली : देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बार फिर सूखे के हालात को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने सोशल जस्टिस को खिड़की से बाहर फेंक दिया है। कोर्ट ने सूखे और मनरेगा मामले में दायर की गई पिटीशन पर सुनवाई के दौरान ये बातें कही।

कोर्ट ने कहा कि हम किसी से बिना समय पर सैलरी दिए काम क्यों करा रहे है। कोर्ट ने ये भी कहा कि मौजूदा सिस्टम में कई तरह से किसानों की मदद की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से जॉब गारंटी और मिड-डे मील जैसी स्कीम को सही तरीके से लागू करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि सूखा पीड़ित इलाकों में बच्चों को गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी मिड डे मिल दिया जाए। यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि खाने में अंडा, दूध और न्यूट्रिशियस फूड दिए जाए। राज्यों को जल्द से जल्द डिजास्टर फंड उपलब्ध कराने के साथ ही कोर्ट ने कहा कि फसल खराब होने पर केंद्र एक बड़ी रकम देती है।

राज्यों को चाहिए कि इसका सही उपयोग किया जाए। इससे पहले भी कोर्ट ने कहा था कि सूखे से लड़ने में केंद्र और राज्य सरकार की इच्छा की कमी आड़े आ रही है।

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