पद का हुआ दुरूपयोग तो राज्यपाल पर होगी कार्रवाई

Feb 23 2016 03:12 PM
पद का हुआ दुरूपयोग तो राज्यपाल पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने अरूणाचल प्रदेश में राज्यपाल की मनमानी किए जाने के आरोप को लेकर कहा है कि यदि राज्यपाल ने अपने अधिकार का गलत उपयोग किया होगा तो न्यायालय इस मामले में अपनी कार्रवाई जरूर करेगा। न्यायालय कहा कहना था कि अरूणाचल प्रदेश में राज्यपाल द्वारा विधानसभा सत्र समय से पहले बुलाने और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर वह सुनवाई कर रही है इसमें यदि राज्यपाल ने नियमों का उल्लंघन किया होगा तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना होगा। 

न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर, न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष और न्यायमूर्ति एनवी रमण की संविधान पीठ ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा। संविधान पीठ द्वारा यह कहा गया कि राज्यपाल अपने विशेषाधिकार के उपयोग से आगे निकल गए तो फिर न्यायालय समय को पीछे मोड़कर स्थिति को 16 दिसंबर से पूर्व ले आएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने इस कदम का इजहार उस समय किया जब राजखोवा के अभिभाषक टीआर अंध्यार्जुना द्वारा कहा गया कि न्यायालय राजखोवा के निर्णय को गलत मानता है।

वह मात्र सत्र पहले बुलाने और अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव से संबंधित निर्णय को रद्द कर सकता है। हां न्यायालय द्वारा वह सिफारिश खारिज नहीं की जा सकती है जो राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश को खारिज नहीं कर सकती है। न्यायमूर्ति लोकुर ने अभिभाषक से सवाल किया कि राज्यपाल के विशेषाधिकार के अंतर्गत जिस तरह की कार्रवाई की गई है

वह समाप्त हो जाएगी। मगर आखिर क्या राष्ट्रपति शासन लगाने का निर्णय समाप्त हो जाएगा। न्यायमूर्ति ने इस मामले में कहा कि राज्यपाल द्वारा  जिस तरह की बातें की गई हैं वे सभी समाप्त हो जाऐंगी। 14 विधायकों को अयोग्य किए जाने के मामले के अलावा किसी तरह की सुनवाई उच्च न्यायालय में ही की जा रही है।