महाराष्ट्र सरकार का एलान - मराठी आने पर ही मिलेगा ऑटो परमिट

मुंबई : महाराष्ट्र सरकार हमेशा की तरह इस बार फिर एक बार चर्चा में बने रहने के लिए एक नया बवाल लेकर आई है. भाजपा सरकार ने इस बार मराठी को अपना मुद्दा बनाया है. सरकार की एक नई योजना के तहत मराठी भाषा जानने वालों को ही अब ऑटो रिक्शा चलने का परमिट दिया जायेगा. वहीं, कांग्रेस ने इसे बात को कानून के खिलाफ बताया है.

महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री ने मंगलवार को यह ऐलान किया है कि मराठी भाषा न आने वालों को अब ऑटो परमिट नहीं दिया जायेगा. राज्य में दिवाकर रावते शिवसेना के कोटे से परिवहन मंत्री बने हैं. आदेश के मुताबिक परमिट के लिए एक विशेष पत्र है, जो इलाके में ऑटो चलाकर व्यवसाय करने की अनुमति देगा. यह परमिट परिवहन विभाग की ओर से जारी होता है.

ऑटो परमिट पाने के लिए होगी परीक्षा :- परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने बताया, 'ऑटो चलाने वाले को मराठी भाषा की जानकारी होगी तभी वह ग्राहकों से आसानी से बातचीत कर सकेंगे.' महाराष्ट्र परिवहन विभाग नवंबर 2015 में मुंबई उपनगर, ठाणे और रायगढ़ क्षेत्र में पुराने और नए दोनों को मिलाकर कुल 1 लाख 40 हजार 65 परमिट्स जारी करने जा रही है. परमिट के लिए अक्टूबर 2015 में लिखित परीक्षा होगी. परीक्षा मराठी भाषा का ज्ञान जानने के लिए ली जाएगी. परिवहन मंत्री द्वारा की गई यह घोषणा के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का कहना कि भाषा के साथ भेदभाव करना कानून के खिलाफ है.'

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -