IIT में संस्कृत पढ़ाया जाना चाहिए, संस्कृत के लिए IIT बेस्ट हैः ईरानी

नई दिल्ली : मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर अपने बयानों के कारण विपक्ष के निशाने पर चढ़ गई है। ईरानी ने देशभर के आईआईटी प्रबंधनों से संस्कृत साहित्य में वर्णित वैज्ञानिक और तकनीक संबंधी तथ्यों के अध्ययन के लिए संस्कृत की पढ़ाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। यह जानकारी सोमवार को लोकसभा में दी गई। ईरानी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एन गोपालास्वामी की अध्यक्षता में गठित समिति ने आईआईटी में स्संकृत पढ़ाने की सिफारिश की है।

उन्होने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि संस्कृत साहित्य में वर्णित वैज्ञानिक और तकनीकी तथ्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि संस्कृत में वर्णित गूढ़ रहस्यों को परिभाषित करने के लिए प्रौद्दोगिकी संस्थानों से अच्छी जगह कोई और नहीं हो सकती। इसके बाद विरोध के स्वर तेज हो गए।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आलोचना भरे लहजे में ट्वीट किया कि हर किसी को यह समझना चाहिए कि संस्कृत ही एकमात्र ऐसी भाषा है, जो C++, Java, SOL, Python, Javascript का मुकाबला कर सकती है। एक बार आईआईटी में संस्कृत की पढ़ाई शुरू होने के बाद देश के ऐसे सभी कंप्यूटरों को जो C+, Java, SOL, Python... का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें राष्ट्रविरोधी घोषित कर देना चाहिए।

सीताराम येचुरी ने ईरानी के इस प्रस्ताव पर कहा कि एचआरडी मिनिस्टरी का भी नाम बदलकर हिंदू राष्ट्र डेवलपमेंट मिनिस्टरी कर दिया जाना चाहिए। कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि मैंने स्कूल में संस्कृत सीखी थी। नई भाषा सीखनी चाहिए। स्कूल में सिखाइए, वो अच्छा है, लेकिन आईआईटी में नहीं होना चाहिए। जदयू के नेता अली अनवर ने कहा कि सरकार ये सब अपनी विफल नीतियों को छुपाने के लिए कर रही है। कांग्रेस के एक और नेता ने कहा कि किस भाषा की पढ़ाई हो, ये पढ़ने वाले और पढ़ाने वाले की जरुरत है।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -