सवर्ण आरक्षण के मोदी सरकार के फैसले के बाद, सपा ने ओबीसी के लिए भी उठाई मांग

सवर्ण आरक्षण के मोदी सरकार के फैसले के बाद, सपा ने ओबीसी के लिए भी उठाई मांग

लखनऊ: पीएम मोदी की कैबिनेट ने 7 जनवरी को आर्थिक तौर से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने ऐलान कर आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए ट्रम्प कार्ड चल दिया है. सरकार इस आदेश को अनुमति दिलाने के लिए आज लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत कर रही है. इसी को मंजूरी दिलवाने के लिए राज्यसभा की कार्यवाही को भी एक दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. वहीं इस बिल पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि, हमारी पार्टी इस बिल के समर्थन में है, लेकिन हमारी कुछ शर्तें हैं.

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रामगोपाल यादव ने कहा है कि, ओबीसी के लिए भी अबादी के लिहाज से आरक्षण दिया जाना चाहिए था, सरकार अगर इस आरक्षण पर 50 प्रतिशत लिमिट की लक्ष्मण रेखा के पार जा रही है, तो ओबीसी (पिछड़ी जाति) को उनकी आबादी के लिहाज से 54 फीसद आरक्षण मिलना चाहिए, सरकार जो आरक्षण ला रही है, हम इसका स्वागत करते हैं. उन्होने कहा है कि समाजवादी पार्टी 124 संविधान संशोधन बिल (आर्थिक आधार पर आरक्षण) का विरोध करती है. वहीं सूत्रों का कहना है कि सरकार सभी दलों को साधने की कोशिश में लगी हुई है.

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आपको बता दें कि केंद्र सरकार यह संविधान संशोधन विधेयक ऐसे वक़्त ला रही है, जब कुछ ही महीनों बाद ही देश में आम चुनाव होने वाले हैं. जानकारों के अनुसार, इस बिल के द्वारा भाजपा सामान्य वर्ग के आक्रोशित लोगों को चुनाव से पहले अपने साथ लाने का प्रयास कर रही है. दरअसल, एससी/एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए लागू करने से सामान्य वर्ग में भाजपा को लेकर नाराजगी होने की बात सामने आई थी, जिसका खामियाजा भाजपा को विधानसभा चुनावों में भी भुगतना पड़ा था.

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