सलमान कर रहे सांस्कृतिक उत्तेजना फैलाने का काम : अलगाववादी नेता

श्रीनगर : कश्मीर में सिनेमा की फिर से शुरुवात करने की वकालत करने वाले अभिनेता सलमान खान ने अपने इस बयान से अलगाववादी खेमे के कुछ नेताओं ने नाराजी जताई है। इन अलगाववादी नेताओं का कहना है कि समाज में तेजी से फैल रही अव्यवस्था की सबसे बड़ी वजह सिनेमा है। इन नेताओ की नाराज़गी का आलम कुछ ऐसा है कि उन्होंने सलमान को हत्यारा करार देने में भी कोई गुरेज़ नहीं किया है।

दुख्तेरान मिल्लत की प्रमुख, आसिया अंदराबी ने सलमान पर हमला करते हुए कहा कि वह सांस्कृतिक उत्तेजना फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कश्मीर में सिनेमा को फिर से शुरू करने का विरोध करेगी। उन्होंने आगे कहा कि 1988 में उनके संगठन ने पूरी मुमकिन कोशिश की थी कि कश्मीर में सिनेमा बंद हो जाए, और अब एक बार फिर उनका संगठन कश्मीर में सिनेमा पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगा।

अशिया ने सलमान को एक हत्यारा कहते हुए राज्य की मुफ़्ती मुहम्मद सईद की अगुआई वाले पीडीपी-बीजेपी गठबंधन सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उनका कहना है कि राज्य की मौजूदा सरकार बॉलिवुड को कश्मीर में फिर से कायम करने के काम में लगी हुई है। इससे पहले, उत्तरी कश्मीर में अपनी आगामी फिल्म 'बजरंगी भाईजान' की शूटिंग ख़त्म करने के बाद सलमान ने कहा था कि स्विट्जरलैंड किसी भी मायने में कश्मीर से ज़्यादा खूबसूरत नहीं है।

सलमान ने कश्मीर के लोगों की तारीफ़ करते हुए कहा कि कश्मीर के लोग बेहद सभ्य, खूबसूरत, और तमीज़दार हैं। उन्होंने बॉलिवुड के अन्य लोगों से भी कश्मीर आने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी फिल्म दबंग की शूटिंग के लिए भी कश्मीर आना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा करना मुमकिन नहीं हो सका। सलमान ने कश्मीर में सिनेमा थिएटर्स के दोबारा खोले जाने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अमूमन तौर पर हर कोई सिनेमा देखता है। इसीलिए राज्य में सिनेमा थिएटर्स को फिर से खोल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा मुमकिन हो जाता है तो वे कश्मीर आकर अपनी फिल्मों का प्रीमियर भी करना चाहेंगे।

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