सिंहस्थ वीडियो : संतों ने किया अमृत बूंदों का स्नान, विदेशी सैलानी भी उमड़े

Apr 23 2016 11:13 AM

उज्जैन : बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त में जूना अखाड़ा के लाखों नागा साधु-संतों के शाही स्नान की शुरुआत के साथ ही प्रत्येक बारह वर्षों के अंतराल में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ महापर्व प्रारंभ हो गया। दत्त अखाड़ा सेक्टर स्थित श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा रमता पञ्च से पवित्र धर्म ध्वजा, हजारो नागा साधुओ, महामण्डलेश्वरो, महंत, श्रीमहंतो एवं अपने अनुयायियों के साथ मयूर रथ पर सवार होकर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज मोक्षदायिनी क्षिप्रा के तट पर शाही स्नान हेतु निकले।  

जहाँ दत्त अखाड़ा घाट पर पूज्य आचार्यश्री ने जूना अखाड़े की परंपरा के अनुरूप मंत्रोच्चारण के साथ अमृतमयी वेला में अमृत्व का स्नान किया। साथ में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पद्मविभूषण पंडित जसराज जी, जोधपुर नरेश महाराजा गजसिंह जी, शिविर प्रमुख विनोद अग्रवाल जी भी इस महापुण्य के सहभागी बने।

इस अवसर पर सिंहस्थ केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष माखन सिंह जी, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह जी एवं वरिष्ठ अधिकारी ने पूज्य आचार्यश्री की अगवानी की। सिंहस्थ 2016 के प्रथम शाही स्नान के अवसर पर श्री हनुमान जयंती का शुभ प्रसंग भी बना। ऐसे में  श्री हनुमान जी के भक्तों ने शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों में स्नान करने के बाद श्री हनुमान जी की आराधना की। श्रद्धालु श्री हनुमान जी के मंदिरों में दर्शन करने भी पहुंचे। संतों और अखाड़ों के स्नान को निहारने के लिए श्रद्धालु घाटों की ओर उमड़े। 

कुछ साधु - संत वाहनों में सवार होकर भी गंतव्य तक पहुंचे। वैष्णव अखाड़े के स्नान के पूर्व पेंटून ब्रिज बंद किया गया मगर आम श्रद्धालुओं के लिए स्नान के दौरान यह मार्ग खोल दिया गया। शुक्रवार को संपन्न हुए शाही स्नान में वैष्णव अखाड़े, शैव अखाड़े के साधु संतों और खालसाओं ने स्नान किया। इस दौरान करीब 700 खालसा ने इस दौरान स्नान किया। सिंहस्थ के दौरान बड़े पैमाने पर विदेशी पर्यटक भी स्नान करने पहुंचे। इन पर्यटकों ने अमृत बूंदों का आनंद तो लिया ही साथ ही साधु - संतों को निहारा।