ग्रामीण भारत कैसे दे रहा है कोविड-19 /कोरोनावायरस को टक्‍कर

ग्रामीण भारत कैसे दे रहा है कोविड-19 /कोरोनावायरस को टक्‍कर

दुनियाभर में फैल रही खतरनाक महामारी कोविड-19 के कारण इन दिनों कमोबेश पूरा भारत घरों में बंद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते ख़बरों के लिए अब टेलीविजन चैनलों, न्‍यूज़ वेबसाइटों और अखबारों पर निर्भरता बढ़ी है। लेकिन लॉकडाउन ने मीडिया के काम के दायरे को भी काफी हद तक प्रभावित किया है| एक ओर जहाँ पत्रकारों की आवाजाही काफी सीमित हो चुकी है, वहीँ अनेक आयोजन भी निरस्त हो रहे हैं। यह स्थिति महानगरों और अन्‍य शहरी इलाकों में है, जहां साक्षरता की दर अधिक है और इसी तरह मीडिया तथा एफएम स्‍टेशनों की पहुंच भी ज्‍यादा है। लेकिन क्‍या आपने सोचा है कि ग्रामीण भारत इस महामारी से किस प्रकार निपट रहा है?

ट्रैंडिंग शॉर्ट वीडियो ऍप VMate, जिसे ‘ग्रामीण भारत का टिक टॉक’ भी कहा जाता है, पर यूज़र्स के वीडियो से देश के ग्रामीण इलाकों की तस्‍वीरें सामने आ रही हैं| इन वीडियो में देखा जा सकता है की जिस अभूतपूर्व संकट ने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, इस से ग्रामीण भारत कैसे निपट रहा है। इस शॉर्ट वीडियो ऍप पर क्रिए‍टर्स के वीडियो यह दिखा रहे हैं कि किस तरह विभिन्‍न एजेंसियां संकट की घड़ी में पूरी मुस्‍तैदी से काम के मोर्चे पर तैनात हैं और गांवों तथा दूरदराज के इलाकों में बसे लाखों लोगों तक पहुंचने के लिए संचार के हर माध्‍यम का प्रयोग कर रही हैं।

हम में से जो लोग महानगरों से बाहर पले- बढ़े हुए हैं, उन्‍होंने साइकिलों या ऑटोरिक्‍शाओं पर लाउडस्‍पीकरों के जरिए सिनमाघरों में नई फिल्‍मों के प्रदर्शन की मुनादी वाले दृश्‍य जरूर देखे होंगे। VMate पर उपलब्ध वीडियो ने दर्शाया है कि सरकारी तंत्र और एजेंसिया भारत के गांवों में इस महामारी/लॉकडाउन से संबंधित जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए इसी माध्‍यम का इस्‍तेमाल कर रही हैं। उत्‍तर प्रदेश में बलिया के एक यूज़र जितेश कुमार ने अपने एक वीडियो के जरिए दिखलाया है कि किस प्रकार सरकारी अधिकारी वायरस से बचाव के लिए ‘क्‍या करें और क्‍या न करें’ जैसी जरूरी जानकारी साइकिल पर घूम-घूमकर दे रहे हैं। इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस प्रकार इन सूचनाओं को सुनने के बाद घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह का पालन श्रोताओं द्वारा किया जा रहा है।

बिहार के समस्‍तीपुर जिले से यूज़र मैक्‍स खान द्वारा पोस्‍ट किए वीडियो में ऑटोरिक्‍शाओं से की जा रही घोषणाओं को दिखाया गया है। इन घोषणाओं के मार्फत लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि कोविड-19 वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए अभी भी उपाय किए जा सकते हैं। इसी तरह, जहानाबाद के प्रिंस लाल गबरू के वीडियो में एक पुलिस जीप लोगों को लॉकडाउन की जानकारी दे रही है और उन्‍हें घरों के अंदर रहने का संदेश दिया जा रहा है। इस घोषणा के जरिए लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि आवश्‍यक वस्‍तुओं की दुकानें पहले की तरह खुली रखी गई हैं।

VMate यूज़र दीपक ने फरीदाबाद की एक पुलिस जीप का वीडियो शेयर किया है जिसमें पुलिस लोगों को बिना किसी ठोस कारण के घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दे रही है। एक अन्‍य शॉर्ट वीडियो क्रिएटिर संगहो जमाली ने भी इसी तरह की घोषणा संबंधी एक वीडियो डाला है लेकिन यह घोषणा किसी ग्रामीण इलाके में प्रादेशिक बोली में की जा रही है और इसमें लॉकडाउन की अवधि में रिश्‍तेदारों तक से न मिलने की बात कही गई है।

VMate के प्‍लेटफार्म पर शेयर किए जा रहे इन वीडियो के जरिए यह समझ में आता है कि ग्रामीण भारत उस वैश्विक संकट से किस प्रकार निपट रहा है जिसने दुनियाभर की सबसे मजबूत अर्थव्‍यवस्‍थाओं को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि ज्‍यादातर सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म ट्रैंडिंग हैशटैग्‍स और मोनोलॉग वीडियो से भरे पड़े हैं लेकिन VMate ने, जो कि दुनियाभर में 10 सर्वाधिक डाउनलोड की जाने वाली सोशल मीडिया ऍप्‍स में से एक है, कोरोना वायरस के खिलाफ ज़मीनी स्‍तर पर लड़ी जा रही असली जंग को दिखाया है।

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