इंसानियत को बचाने और कोरोना से लड़ने आया यह उपकरण

दुनियाभर में कोरोना के खिलाफ हर देश ने जंग झेड़ रखी है. जिसमें रोबोट हमारा साथी बनकर उभरा है. देश-विदेश के कई प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, छात्र और रोबोटिक्स कंपनियों ने ऐसे रोबोट बनाएं हैं, जो कोरोना के इलाज में मददगार साबित हो रहे हैं. खास बात यह है कि ये सारे रोबोट पिछले कुछ दिनों के भीतर बनाए गए हैं. विशेषज्ञों की मानें तो रोबोट अर्थव्यवस्था को उबारने में भी मददगार साबित होंगे.

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अपने बयान में यूनिवर्सल रोबोट्स के जनरल मैनेजर साउथ एशिया प्रदीप डेविड ने भी कहा है कि मेडिकल इंडस्ट्री तेजी से रोबोट्स को अपना रही है. इंसान और रोबोट साथ काम कर रहे हैं. वहीं, फ्यूचरिस्ट मार्टिन फ़ोर्ड ने दावा किया है कि आने वाले वक्त में कैसे रोबोट अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा हो जाएंगे. लोग वहां जाना पसंद करेंगे, जहां इंसान कम और मशीनें ज़्यादा होंगी. अनुमान है कि 2021 तक काम की जगहों पर सोशल डिस्टैंसिंग की ज़रूरत पड़ सकती है. ऐसा हुआ तो रोबोट की मांग बढ़ने वाली है. रोबोटिक्स में पिछले कुछ दिनों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. बीजिंग की कंपनी ForwardX Robotics में 15 मिलियन डॉलर की फंडिंग हुई है. सॉफ्टबैंक समर्थित कंपनी ब्रेन कॉप में भी निवेश हुआ है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट्स और ऑटोनॉमस मोबाइल ग्राउंड व्हीकल को लेकर अनुमान है कि 2023 तक इसका बाजार 10 अरब डॉलर का हो जाएगा. याद रहे कि यह अनुमान कोविड से पहले का है.

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