फिल्म रिव्यू : 'सनम तेरी कसम'

फिल्म रिव्यू : 'सनम तेरी कसम'

आज शुक्रवार को निर्देशक राधिका राव और विनय सप्रू के निर्देशन में बनी फिल्म 'सनम तेरी कसम' दर्शको के सामने आ ही गई है. इस  फिल्म की लीड जोड़ी है हर्षवर्द्धन राणे, व मावरा होकेन तथा इस फिल्म में आपको रोमांस के साथ संबंधों की भी कहानी देखने को मिलेगी. सनम तेरी कसम का संगीत निर्देशक हिमेश रेशमिया ने किया है हर्षवर्द्धन राणे, व मावरा होकेन के साथ साथ आपको इस फिल्म में मनीष चौधरी भी नजर आएँगे.

इस फिल्म में इसके लेखक-निर्देशक ने इस जरूरत के मद्देनजर फिल्म के अपने प्रवाह को बार-बार मोड़ा है। इसकी वजह से फिल्म का अंतिम प्रभाव दोनों नए कलाकारों को तरजीह तो देती है, परन्तु  फिर भी यह फिल्म असरदार नहीं रह जाती। 

'सनम तेरी कसम' फिल्म फ्लैशबैक से आरंभ होती है। नायक इंदर (हर्षवर्द्धन राणे) को अपने जीवन की घटनाएं याद आती हैं। फ्लैशबैक में इंदर के जीवन में प्रवेश करने के साथ ही हम अन्य किरदारों से भी मिलते हैं। जिस अपार्टमेंट में पार्थसारथी परिवार पहले से रहता है, वहीं इंदर रहने आ जाता है।

इंदर की अलग जीवन शैली है। पार्थसारथी परिवार के मुखिया जयराम की पहली भिड़ंत ही सही नहीं रहती। वे उससे नफरत करते हैं। हिंदी फिल्मों की परिपाटी के मुताबिक यहीं तय हो जाता है कि इस नफरत में ही मोहब्ब्त पैदा होगी। कुछ यों होता है कि जयराम की बड़ी बेटी सरस्वती(मावरा होकेन) और इंदर की मुलाकातें होती हैं। इन मुलाकातों से गलतफहमियां पैदा होती हैं। उनके बीच लगाव भी पनपता है। इस क्रम में सरस्वती का कायाकल्प हो जाता है।

दूसरी तरफ अपने परिवार से उसका नाता टूट जाता है। लेखक-निर्देशक ने इंदर और सरस्वती के साथ अन्य किरदारों को भी उनके साथ जोड़ा है। वे आते हैं। कुछ दृश्यों और प्रसंगों के बाद अनुपस्थित हो जाते हैं। 'सनम तेरी कसम' फिल्म आपको एक प्रकार से पारिवारिक संबंधो के साथ साथ उनके बीच के समर्पण की भी कहानी को दर्शाती है. फिल्म में आपको कुछ पुरानी फिल्मो की झलकियां भी नजर आएगी.

फिल्म के किरदार को आधुनिक बनाया गया है तथा फिल्म में जब समझदार और बौद्धिक सरस्वती अपने पति के सरनेम के साथ मरने की ख्वाहिश जाहिर करती है. मावरा के अभिनय में सादगी और स्वाभाविकता है. 'सनम तेरी कसम' फिल्म में हिमेश रेशमिया के कुछ सॉन्ग पहले से ही लोगो की जुबानों पर छाए हुए है.