रिटायर्ड IPS अधिकारी ने की ख़ुदकुशी, लिखा ममता बनर्जी का काला दिल बदलेगा

कोलकाता: तीन दिन पूर्व कोलकाता के साल्‍टलेक में सेवानिवृत्त आईपीएस गौरव चंद्र दत्ता ने आत्महत्या कर ली थी। उन्‍होंने अपने हाथ की नस काट ली थी। शुक्रवार को गौरव चंद्र दत्ता का सुसाइड नोट प्रकाश में आया है, जिसने पश्‍चिम बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है। दत्ता ने सीधे तौर पर ख़ुदकुशी के लिए पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को जिम्मेदार बताया है। सुसाइड नोट के आखिर में उन्होंने लिखा है कि, 'आदरणीय मैडम मुख्यमंत्री! मुझे उम्मीद है मेरे इस कदम से आप का काला दिल बदलेगा।

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सुसाइड नोट में उन्होंने प्रदेश में सेवारत आईपीएस अफसरों के लिए भी बड़ा मैसेज लिखा है। उन्होंने लिखा है कि, 'जितने भी आईपीएस अफसर काम कर रहे हैं, जो सत्तारूढ़ पार्टी को संतुष्ट करने के लिए कार्य कर रहे हैं और जो कानून के दायरे में रहकर अपना कार्य नहीं कर रहे हैं, उन सभी के लिए मैं ये कहना चाहता हूं कि आप हमेशा ये बात याद रखिए कि वर्तमान सरकार के लिए आप मात्र यूज एंड थ्रो करने वाले एक मोहरा महज हैं। आज नहीं तो कल आपको अवश्य उपयोग के बाद फेंक दिया जाएगा। भले आज आप सत्ता के नजदीकी हैं, किन्तु कल अवश्य आपको दूर फेंक‌ दिया जाएगा।

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आपको बता दें कि गौरव चंद्र दत्ता की लाश मंगलवार शाम उनके साल्ट लेक स्थित फ्लैट में रक्तरंजित हालत में बरामद हुई थी। उन्हें तुरंत साल्ट लेक के स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि गौरव चंद्र दत्ता अपने घर में अकेले रहा करते थे। विधाननगर पुलिस आयुक्तालय के एक अफसर ने कहा है, 'हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी दत्ता प्रदेश में आईजी के रैंक से स्वेच्छा से रिटायर हुए थे। वाम मोर्चा सरकार के दौरान, दत्ता पश्चिम मिदनापुर और मुर्शिदाबाद के साथ तीन जिलों के पुलिस प्रमुख के पद पर भी रहे थे।

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