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खुदरा मुद्रास्फीति दर रहेगी 4.5 - 5 फीसदी

खुदरा मुद्रास्फीति दर रहेगी 4.5 - 5 फीसदी

नई दिल्ली : जहाँ एक तरफ वैश्विक जिंस कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है वही दूसरी तरफ ये भी देखने को मिल रहा है कि मानसून के सामान्य रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. इसी बीच सरकार का यह अनुमान सामने आया है कि वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति 4.5-5 फीसदी पर पहुँच जाना है. गौरतलब है कि इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के द्वारा संसद में आर्थिक समीक्षा 2015-16 पेश की गई है.

इस अनुमान के अनुसार संभावना से कम वृद्धि वाले एक और साल का मतलब उत्पादन अंतर को बढ़ाना है. जिसके द्वारा ना केवल मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने वाला है जबकि यह पहले ही पांच फीसदी के निचे बनी हुई है. इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि मानसून का रुख इस वर्ष सामान्य रहता है तो खाद्य कीमतों में गिरावट आ सकती है.

समीक्षा में ही यह बात भी सामने आई है कि इस सब कारणों के चलते ही यह अनुमान है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 2016-17 में 4.5-5 फीसदी के अंतर्गत रह सकती है.