अब पाकिस्तान में काफिर बुलाने पर होगी कार्रवाई

पाकिस्तान : पाकिस्तान में बढ़ी जातीय हिंसा को रोकने के लिए पाकिस्तान अन्य पंथों के मुसलमानों को काफिर कहने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रहा है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में देश के शीर्ष नागरिक-सैन्य नेतृत्व ने भी देश भर में जातीय हिंसा को वित्तीय मदद देने वालों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में तकफिर या अन्य पंथ के मुसलमानों को काफिर कहने पर प्रतिबंध लगाने वाले नए कानून पर चर्चा की गई. बैठक देश से चरमपंथ और उग्रवाद को मिटाने के लिहाज से इस वर्ष अपनाई गई 20 सूत्री आतंकवाद-विरोधी रणनीति नेशनल एक्शन प्लान की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी.

बैठक में सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ, संघ के मंत्रियों, प्रांतीय प्रतिनिधियों और अन्य सैन्य तथा प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे. बैठक के बाद गृहमंत्री निसार अली खान ने कहा कि एक-दूसरे को काफिर बुलाने या मारने के लिए उत्तरदायी बताने को सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पंथीय भेदभाव से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

एक पंथ के मुसलमान दूसरे पंथ को मानने वाले मुसलमानों को काफिर कहते हैं विशेष तौर पर लश्कर-ए-झांगवी जैसे कट्टरपंथी सुन्नी समूह शिया मुसलमानों के लिए इस तरह के शब्द का प्रयोग करते हैं.

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