रफ्तार के साथ बदल गई कपल्स की जवाबदारियां

Feb 09 2015 02:46 PM
रफ्तार के साथ बदल गई कपल्स की जवाबदारियां
भागदौड़भरी और विकास की रफ्तार छूने को दौड़ने वाली लाईफ में समाज के पैमाने भी बदलने लगे हैं। अब कपल्स लोगों की सोच से इतर अपनी लाईफ को इस तरह एडजस्ट करने को तैयार हैं जिससे उनका और परिवार का जीवन बेहतर हो सके। इस बदलाव में अब लड़की के हाथ में आॅफिस की फाईलें नज़र आती हैं तो लड़के के हाथ में टोस्टर, और बच्चे के खिलौने। जी हां, यूं हाथ में तीर कमान,आग, तलवार, भाला लेकर सिंह पर विराजमान स्त्री की मूर्ति हमने कई बार देखी होगी और उसके सामने लोगों को हाथ जोड़ते संसार की बहुत सी चीजें मांगते हुए भी हमने देखा होगा। यही नहीं अपने पीठ पर बच्चे को लादकर घोड़े पर सवार होकर लड़ने वाली मर्दानी को फोटो भी हमने देखा होगा। मगर जब हम सोचते हैं कि क्या प्रेक्टिकल लाईफ में यह पाॅसीबल है तो हम मानते हैं कि ऐसा नहीं हो सकता। 

मगर क्या आपने गौर किया है, ऐसा हो रहा है और आज भी हो रहा है। जी हां, जिस समाज को पुरूष प्रधान कहा जाता था वह धीरे - धीरे स्त्री प्रधान होता जा रहा है। अब तो संसद में भी महिलाओं की ही तूती बोलती है। समाज में आने वाला यह बदलाव कहीं कहीं सकारात्मक भी है तो नकारात्मक भी। स्त्री के हाथ में सत्ता आने पर वह कुछ बना भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है। जी हां,। टूटते - बिगड़ते परिवार और हर रोज़ दहेज प्रताड़ना के समाचार इसी का नतीजा हैं। तथ्य बताते हैं कि दहेज प्रताड़ना के 10 में से 7 केस झूठे होते हैं। जो स्त्री की निरंकुशता का प्रतीक है। कुछ समय पहले भोपाल की एक मेरीड वूमन ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का केस लगा दिया। जब मामले की छानबीन की गई तो यह बात सामने आई कि इस महिला को ससुराल वाले उसके बाॅय फ्रेंड से मिलने नहीं देते थे। 

 मगर इस बदलाव के सकारात्मक पहलू पर नज़र करें तो यह बेहद जरूरी भी नज़र आता है। अपर्णा की शादी को करीब 5 साल हो गए थे। अपर्णा एक कंपनी में काम करती है, उसका हसबैंड विनय भी एक अच्छी कंपनी में जाॅब करता है। 5 साल के वैवाहिक जीवन में दोनों कपल्स को एक बेटी भी मिली। दोनों का जीवन बेहद सुखद चल रहा है। अब उनकी बेटी बड़ी हो गई है। मगर अपर्णा और विनय दोनों नौकरी में व्यस्त हैं। जिस वजह से दोनों ही अपनी बेटी तान्या पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, अपर्णा को तान्या के जिद्दी होने की परेशानी झेलनी पड़ती है तो विनय के बिना तान्या एक पल नहीं रह पाती। अब दोनों पसोपेश में हैं कि आखिर करें तो क्या करें। उधर विनय को प्रेजेंटेशन्स, मीटिंग्स की मुश्किलें भी रहती हैं। विनय का मानना है कि वह कितना भी अच्छा प्रेजेंटेशन दे दे उसका बाॅस उससे खुश नहीं रहता। आखिर एक दिन विनय ने ऐसी नौकरी से बाय - बाय करने का फैसला कर ही लिया। 

मगर जब सबकुछ सैटल था तो ऐसा फैसला मुश्किल था। वह अपर्णा को लेकर आउटिंग पर गया और विनय ने अपनी परेशानी उससे कह दी। जिसके बाद अपर्णा ने भी नौकरी छोड़ने के उसके फैसले का समर्थन किया। इस दौरान दोनों ने तय किया कि कुछ समय विनय घर पर रहकर तान्या को संभाले और अपर्णा अपनी नौकरी जारी रखे, जब विनय को समय मिले और उसके हिसाब से सिचुएशन डेवलप हो तो वह घर बैठे ही छोटा - मोटा कुछ ऐसा कर सकता है जिसमें उसे मज़ा भी आए और उसकी आमदनी भी बढ़े। दोनों ने एक दूसरे के साथ मिलकर यह डिसीज़न लिया और आज उनकी लाईफ शानदार चल रही है। अब तान्या का मिजाज बदला है। उसकी जिद करने की आदत छूट गई तो उसमें संस्कार भी डलने लगे हैं। अब विनय और अपर्णा भी एक दूसरे को बेहतर समय दे पा रहे हैं, उनकी फैमेली में फिर से खुशी फैल गई है।