जीका वायरस कि चपेट में रियो ओलंपिक, उठने लगी टालने कि मांग

नई दिल्ली : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को 100 से अधिक प्रमुख डॉक्टर्स और प्रोफेसर्स ने इस साल आयोजित होने वाले रियो ओलंपिक खेलों के आयोजन के संबंध में पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने कहा है कि लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनजर ब्राजील में जीका वायरस के संक्रमण को देखते हुए रियो ओलंपिक खेलों को टाल दिया जाए या उसकी जगह बदल दी जानी चाहिए.

WHO की महानिदेशक मार्गरेट चान को शुक्रवार को लिखे पत्र में कहा गया है कि उन्होंने इन खेलों को टालने या स्थानांतरित करने की सिफारिश इस सच्चाई के बावजूद की है कि रियो ओलंपिक को अब टाला नहीं जा सकता और इसकी सफलता पर भी कोई शक नहीं है. पत्र में लिखा गया है कि हमारी सबसे बड़ी चिंता वैश्विक स्वास्थ्य है. ब्राजील में फैल रहा जीका वायरस स्वास्थ्य को इस प्रकार हानि पहुंचा सकता है, जो विज्ञान ने आज तक कभी देखा नहीं होगा. इस पत्र के बाद हालांकि, WHO की तरफ से कहा गया है कि रियो 2016 ओलंपिक को स्थगित किए जाने या इसे स्थानांतरित किए जाने से जीका वायरस के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रसार में कोई परिवर्तन नहीं होगा. संगठन ने इस पर गौर किया है कि ब्राजील इस वायरस का केंद्र है और इसके लगातार प्रसार के मामले दर्शाने वाले 60 देशों में से एक है.

WHO का कहना है कि लोग कई कारणों से इन देशों का लगातार दौरा कर रहे हैं. इसके प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य यात्रा सलाह का पालन किया जाए. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कहा है कि उसका ओलंपिक खेलों को स्थगित करने या स्थानांतरित करने की कोई योजना नहीं है. वही इस बारे में अधिकारियों ने पत्र में लिखा है कि जीका वायरस पहले की तुलना में अब अधिक गंभीर नजर आ रहा है और मच्छरों के खिलाफ चलाए गए कार्यक्रमों के बावजूद रियो क्षेत्र में स्थिति खराब होती जा रही है. पत्र में कहा गया है कि इस खतरे को बढ़ने देना अनैतिक है.बता दे कि ओलंपिक खेलों का आयोजन रियो डी जेनेरियो में 5 से 21 अगस्त तक होगा. इसमें पांच लाख से अधिक लोगों के आने की सम्भावना है.

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