रिलायंस : जल्द निकल सकता है कंपनी के पुराने विवाद का हल

लॉकडाउन और कोरोना संकट के बीच Reliance Industires का अनुमान है कि सरकार के साथ नौ साल पुराने एक विवाद में कंपनी पर अधिकतम 40 करोड़ डॉलर (3,000 करोड़ रुपये) की देनदारी बैठेगी. कंपनी का यह विवाद मंजूर निवेश योजना का अनुपालन नहीं कर पाने की वजह से केजी-डी6 क्षेत्र में कथित तौर पर क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाने से संबंधित है. उल्लेखनीय है कि बंगाल की खाड़ी में केजी-डी6 ब्लॉक के धीरूभाई-1 और 3 क्षेत्रों में प्रोडक्शन शुरुआत के दूसरे साल यानी 2010 से ही कंपनी के अनुमानों से नीचे आने लगा था. इन गैस फील्ड्स में इस साल फरवरी में उत्पादन बंद हो गया. सरकार ने इसके लिए कंपनी पर मंजूर विकास योजना के हिसाब से काम नहीं करने का आरोप लगाया था. इसी चीज को आधार बनाते हुए कंपनी को तीन अरब डॉलर की लागत निकालने की अनुमति सरकार की ओर से नहीं दी गई.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कंपनी ने सरकार के इस आरोप को विरोध किया है और मामले को मध्यस्थता के लिए ले गई है. RIL ने हाल में लाए गए राइट्स इश्यू के डॉक्यूमेंट्स में इस विवाद का जिक्र किया है. रिलायंस ने राइट्स इश्यू के दस्तावेज में कहा है कि सरकार ने कंपनी और केजी-डी 6 ब्लॉक में उसकी भागीदार कंपनियों को नोटिस भेजा है.

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इसके अलावा RIL के मुताबिक सरकार ने नोटिस में कहा है कि कंपनी और उसकी साझीदारों ने मंजूर विकास योजना का पालन नहीं किया. सरकार ने कहा है कि क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं किए जाने से उनको लागत वसूली की अनुमति नहीं दी जा सकती. सरकार ने अतिरिक्त मुनाफे की भी मांग कंपनी से की है. 

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