पी-नोट का नियामकीय ढांचा काफी सुदृढ़

भारत सरकार के द्वारा आज ही इस बात को लेकर एलान किया गया है कि भागीदारी पत्र (पी-नोट) पर जो नियामकीय ढांचा है वह काफी सुदृढ़ है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि इसके नियमो में फ़िलहाल किसी तरह का बदलाव करने की जरुरत नहीं है. बताया जा रहा है कि यह टिप्पणी इसलिए भी खास हो जाती है क्योकि काले धन को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) के द्वारा पूंजी बाजार नियामक (SEBI) से यह कहा कि उन्हें पी-नोट्स पर बनाये गए अपने नियमो की समीक्षा करनी चाहिए और साथ ही इसके उपयोक्ताओं की भी पहचान करना चाहिए.

इस मामले में वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा का यह बयान सामने आया है कि फ़िलहाल पी-नोट्स को लेकर जिस सूचना प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है वह बेहतर है और साथ ही समझने में भी काफी आसान है. यह इस मामले को लेकर सख्त भी है कि यहाँ निवेशक कौन है और साथ ही बिज़नेस में आने वाले संस्थान वैद्य है.

सिन्हा ने आगे जानकारी देते हुए यह भी कहा है कि सेबी के द्वारा नो योर कस्टमर (KYC) के जरिये पी-नोट्स के मापदंडों को भी मजबूती प्रदान की गई है. लेकिन इसके अलावा SIT के द्वारा पी-नोट्स को लेकर धोखाधड़ी किये जाने की बातें सामने आई है. बताया जाता है कि पी-नोट्स के कारण इंडियन मार्केट्स में इन्वेस्टमेंट भी काफी हद तक सरल हो जाता है.

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