एमजीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती का मामला

असिस्टेंट प्रोफेसरों के 74 पदों पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में हालही में नियुक्ति की प्रक्रिया खत्म हुई है. अब इन पदों पर नियुक्ति की प्रकिया तूल पकने लगी है. बताया जाता है कि सबसे ज्यादा सवाल बायोकेमेस्ट्री विभाग की नियुक्ति पर पूछें जा रहे हैं. मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इन नियुक्तियों की प्रक्रियाओं में पुरी पारदर्शिता अपनायी गई है. 

इन नियुक्तियों में वंचित रहे अभ्यर्थीयों का कहना है कि जिनका चयन किया गया है उनकी एमडी की डिग्री ही एमसीआई में रजिस्टर्ड नहीं है. बायोकेमेस्ट्री विभाग ही नहीं बल्कि माइक्रो बायोलॉजी विभाग में की गई भर्ती भी विवाद में है. इन नियुक्तियों का जो लोग विरोध कर रहे है उनका कहना है कि जब तक निरीक्षण होकर रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक डिग्री को किस आधार पर मान्य माना जाए. सवाल ये भी उठ रह है कि नियुक्ति प्रक्रिया में विभाग में ही कार्यरत एसआर को प्राथमिकता नहीं दी गई. जबकि कायदे से इन नियुक्तियों में एसआर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी. 

इन नियुक्तियों पर सवाल इसलिए भी किए जा रहे है क्योंकि भर्ती के लिए जो विज्ञापन जारी किए गए थे उसमें ये जानकारी साफ लिखी गई थी कि मान्यता प्राप्त कॉलेज से डिग्री वाले अभ्यर्थियों को ही पात्र माना जाएगा.

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