हरियाणा में कम बारिश का टूट सकता है रिकॉर्ड, मौसम ने बदली करवट

Jul 07 2020 05:56 PM
हरियाणा में कम बारिश का टूट सकता है रिकॉर्ड, मौसम ने बदली करवट

हरियाणा में बीते काफी समय से मौसम के मिजाज काफी बदल चुके है. उम्मीद की जा रही है मौसम के बदलते मिजाज आम जनता को राहत दे सकते है. राज्य में पिछले एक दशक से बारिश में कमी आई है. भूमि तप रही है. कभी सावन में बदरा नहीं बरसते हैं तो कभी बिन सावन के भी खूब बरसात होती है. आलम यह है कि 2012 से लेकर 2019 तक लगातार 8 वर्षों से हरियाणा देशभर में सबसे कम बरसात का रिकार्ड बना रहा है.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून ने अच्छे संकेत दिए हैं, जिस कारण कम बरसात का रिकार्ड टूट सकता है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि इस बार प्री-मानसून में भी औसत से अधिक बारिश होने वाली है. वहीं हरियाणा में जुलाई माह के पहले रविवार की शुरूआत तुफानी बारिश के साथ हुई. मौसम विभाग की मानें तो हरियाणा में इस मानसून में औसत से अधिक बरसात हो सकती है और पिछले कुछ वर्षों से चला आ रहा मौसम का रूखा मिजाज बदल सकता है.

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अगर मौसम विभाग की मानें तो हरियाणा में हर वर्ष उम्मीद से कम बारिश होती है. जिसका आंकड़ा 554.7 मिलीमीटर के आसपास है. लेकिन 2012 के बाद अर्थात पिछले 8 वर्षों से प्रदेश में बरसात का आंकड़ा 452 एमएम को पार नहीं कर पाया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में सर्द मौसम में 32.4, प्री-मानसून सीजन में 33.6, मानसून सीजन में 459.9 तथा पोस्ट मानसून सीजन में 28.9 मिलीमीटर बरसात होनी चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है. पिछले करीब एक दशक से बदरा रूठे हुए हैं.

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