2015 विधेयक पास होने से रियल एस्टेट क्षेत्र में नयी उम्मीद

नई दिल्ली: राज्यसभा में गुरुवार को शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कांग्रेस के समर्थन में रियल इस्टेट विधेयक 2015 की घोषणा कर दी है. इससे घर खरीदने वालो ग्राहकों को फायदा होगा. तय समय में ग्राहकों को मापना घर उपलब्ध करा दिया जायेगा. बिल्डर द्वारा मनमानी नहीं की जा सकेगी|

विधेयक की घोषणा के बाद दुसरे सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्र में पारदर्शिता आयेगी और जवाब देही बड़ेगी. हर साल हमारे देश में करीब 10 लाख लोग घर खरीदते है. जिससे 3.5 लाख करोड़ का निवेश होता है. विधेयक आने से बिल्डर द्वारा की जा रही मनमानी पर रोक लगेगी. और बैंकिंग और टेलिकॉम सेक्टर की तरह रियल इस्टेट सेक्टर में भी अलग नियम बनाये जा सकेंगे जिससे ग्राहकों को सीधे फायदा पहुचेगा|

विधेयक में ट्रिब्यूनल का आदेश नहीं मानने पर 3 साल की सजा और आर्थिक दंड देने का प्रावधान है. कांग्रेस ने विधेयक का पूरा समर्थन किया है. कांग्रेस की पूर्व मंत्री कुमारी सेलजा ने कहा है की नियमित कानून न होने से ग्राहक को नुकसान हो रहा था. पूरे देश को ऐसे विधेयक का बेसब्री से इंतज़ार था. उम्मीद है ऐसे  विधेयक के आने इस क्षेत्र में पारदर्शिता आयेगी और लोगो को इसका लाभ मिलेगा. उम्मीद है यह विधेयक देश के सारे प्रोजेक्ट पर जल्द लागु होगा|

साथ ही नए के विधेयक आने से अवेध निर्माणों पर रोक लगायी जा सकेगी. देश और विदेश से निवेशको की संख्या बड़ेगी.विधेयक के अनुसार किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन करा कर सभी जानकारी सार्वजानिक करना होगी. जिसमे प्रमोटर, प्रोजेक्ट, ले-आउट प्लान, जमीन की जानकारी, मंजूरियों की जानकारी, एग्रीमेंट, एजेंट, कांट्रेक्टर, आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स अदि की जानकारी सम्मलित होगी.

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