नेपाल को RBI की दो टूक, आखिर कैसे आए 10 अरब रूपए

Nov 15 2016 11:46 AM
नेपाल को RBI की दो टूक, आखिर कैसे आए 10 अरब रूपए

नई दिल्ली यूं तो नोटबंदी का निर्णय भारत में लिया गया है और देशभर में बड़े पैमाने पर लोग कतार में लगकर नकदी प्राप्त करने में लगे हैं कुछ लोग तो एटीएम से ट्रांजिक्शन कर रहे हैं। मगर भारत में की गई नोटबंदी का असर पड़ोसी देश नेपाल में भी हो रहा है। हालात ये हैं कि यहां पर नेपाल राष्ट्र बैंक में 500 रूपए और 1000 रूपए के भारतीय करीब साढ़े तीन करोड़ नोट अटके हुए हैं। हालांकि रिज़र्व बैंक आॅफ इंडिया ने इन नोट्स को लेकर कहा है कि उसके पास इन नोट्स को बदलने का अधिकार नहीं है।

नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा कहा गया है कि नेपाल की बैंक में 500 रूपए और 1000 रूपए के नौट हैं। दूसरी ओर नेपाल के बाजार में भी भारत में नोट बंदी होने से पहले चलन में आने वाले 500 रूपए और 1000 रूपए के नोट मौजूद हैं। ऐसे में आरबीआई ने इन नोट्स को बदलने से इन्कार किया है। हालांकि नेपाली बाजार में चले नोट्स को लेकर आरबीई ने केवल प्रश्न उठाया है और कहा है कि आखिर जब आरबीआई से नेपाल के बैंक को 3.5 करोड़ दिए थे तो फिर नेपाल के बाजार में 10 अरब रूपए कैसे आ गए।

गौरतलब है कि हाल ही में यह बात सामने आई है जिसमें खुफिया एजेंसियों ने कहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा पाकिस्तान में छापे गए नोट नोपाल के रास्ते भारत पहुंचाए गए। आईएसआई द्वारा नेपाल में भी नोट छापने की व्यवस्था तराई वाले क्षेत्र में करने के प्रयास किए गए थे। ऐसे में भारतीय मुद्रा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ। हालांकि इस मामले में आरबीआई ने कुछ नहीं कहा मगर उसने नेपाल के बाजार में मौजूद नोट पर सवाल किए हैं।

नेपाल राष्ट्र बैंक के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरबीआई द्वारा नेपाल के निवेदन को वित्त मंत्रालय के सामने रखा गया है यदि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं में कोई समन्वय बनता है तो इस दिशा में कार्य किया जाएगा। गौरतलब है कि नेपाल के बैंक में भी 500 रूपए और 1000 रूपए के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे।