कभी सलामी बल्लेबाज हुआ करते थे रविचंद्रन अश्विन, एक चोट ने बना दिया गेंदबाज

आज भारत के दिग्गज गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि रविचंद्रन अश्विन का पहला प्यार क्रिकेट नहीं था बल्कि वह फुटबॉल खेलते थे। कहते हैं कि अच्छी कद काठी होने के कारण फुटबॉल में वह बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, हालाँकि यह केवल एक संयोग था जिसके चलते अश्विन क्रिकेट में आ गए। वहीं अश्विन की मां चित्रा उनकी पढ़ाई को लेकर बहुत सख्त थीं। लेकिन माता-पिता दोनों ने अश्विन को कभी भी क्रिकेट खेलने से नहीं रोका। एक बार एक इंटरव्यू में अश्विन की मां ने कहा भी था- 'पढ़ाई को लेकर हमने कभी समझौता नहीं किया और अश्विन ने भी परिपक्वता दिखाई और इस फैसले को स्वीकार किया।'

अश्विन ने केवल गेंदबाजी से ही भारत का नाम रोशन नहीं किया बल्कि वह लोअर ऑर्डर में शानदार बल्लेबाजी भी करते हैं। वैसे इसके पीछे एक वजह है। जी दरअसल क्रिकेट की शुरुआत में वह सलामी बल्लेबाज हुआ करते थे और करियर की शुरुआत में ही नई गेंद का सामना करने से उनकी तकनीक काफी मजबूत हो गई है। युवावस्था के दौरान उन्हें गहरी चोट लग गई और इस कारण ही अश्विन ने बल्लेबाजी की ओर ध्यान देना कम कर दिया। मात्र 14 साल की उम्र में उनके पेल्विक एरिया में चोट लगी थी और इसके चलते वह दो महीने तक बिस्तर पर रहे। बाद में उन्होंने बल्लेबाजी की जगह गेंदबाजी पर ध्यान देना शुरू किया।

आपको बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेजी से 50.100 और 150 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की लिस्ट में अश्विन सबसे आगे हैं। आपको बता दें कि अश्विन को 2014 में अर्जुन अवॉर्ड दिया गया। इसी के साथ ही 2012-13 में उन्हें बीसीसीआई ने साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के खिताब से भी नवाजा। निजी जीवन के बारे में बात करें तो अश्विन ने अपनी बचपन की दोस्त प्रीति नारायणन से 2011 में शादी की है, और अब वह दो बच्चियों के पिता हैं.

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