नि:स्वार्थ सेवा कार्य हिंदुत्व है: RSS प्रमुख

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत हाल ही में उदयपुर में बौद्धिक समुदाय को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा- 'हिंदू राष्ट्र के सर्वोच्च गौरव में विश्व का कल्याण संभव है।' वहीं सरल शब्दों में हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा, 'संघ के स्वयंसेवकों द्वारा कोरोना काल में किया गया नि:स्वार्थ सेवा कार्य हिंदुत्व है क्योंकि इसमें कल्याण की भावना है।' आप सभी को बता दें कि बीते रविवार को भागवत उदयपुर में थे और इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया सहित विभिन्न वर्गों के करीब 300 लोगों से बात की।

इस दौरान ही उन्होंने कहा, ''हिंदू विचारधारा शांति सच्चाई का प्रतीक है। हम हिंदू नहीं हैं ऐसा अभियान देश समाज को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। समस्याएं सामने आई हैं जहां विभिन्न कारणों से हिंदू आबादी कम हुई है, इसलिए हिंदू संगठन सर्वव्यापी हो जाएगा विश्व के कल्याण के बारे में बात की जाएगी। विश्व का कल्याण हिंदू राष्ट्र के सर्वोच्च गौरव में होगा।'' इसके अलावा संघ के संस्थापक डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार का हवाला देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि, 'उन्होंने महसूस किया कि दिखने में भारत की विविधता के मूल में एकता की भावना है। हम सभी हिंदू हैं, पूर्वजों के वंशज हैं जो इस पवित्र स्थान पर युगों से रहे हैं। यह हिंदू धर्म की भावना है।'

इसके साथ ही संघ के उद्देश्य, विचार कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'संघ का लक्ष्य व्यक्ति निर्माण करना है। व्यक्ति निर्माण से समाज का निर्माण संभव है, समाज निर्माण से देश का निर्माण संभव है। संघ सार्वभौमिक भाईचारे की भावना से काम करता है। संघ के लिए पूरी दुनिया अपनी है। संघ को नाम कमाने की कोई इच्छा नहीं है। हमारे संघ को श्रेय लोकप्रियता की भी जरूरत नहीं है।'

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