रेमडेसेविर, RT-PCR टेस्ट पर रणदीप गुलेरिया ने रखी अपनी राय, कही ये बात

नई दिल्ली: देश में जारी कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी को लेकर AIIMS निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि बीते 8-9 महीने से इसका उत्पादन बढ़ाने का काम हो रहा है. मगर इसके डिस्ट्रिब्यूशन पर भी काम करना है, जहां मांग बढ़ती है, वहां पर तुरंत ही ऑक्सीजन के सिलेंडर पहुंचाने होंगे. 

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने देश में जारी कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर कहा कि देश में वैक्सीन का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, नई वैक्सीन भी देश में आ रही हैं. इस समय वैक्सीन के डिस्ट्रिब्यूशन पर काम करने की आवश्यकता है, सप्लाई चेन को हर किसी को मेंटेन करना होगा ताकि जहां पर मांग है, वहां पर तत्काल वैक्सीन पहुंच सके.  रेमडेसेविर को लेकर मचे घमासान पर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इस दवाई का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए, ये कोई मैजिक बुलेट नहीं है. जिनको काफी गंभीर बीमारी है, उनको ही ये देना चाहिए. मगर अभी पैनिक फैल गया है, लोग सोच रहे हैं कि हर किसी को इसकी आवश्यकता है. यदि इसकी जरूरत नहीं है, तो इसे देने से नुकसान भी हो सकता है. 

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि RT-PCR टेस्ट महज 80 फीसदी तक सही परिणाम दिखा सकता है, ऐसे में 20 फीसदी ऐसे भी हैं, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव है. इसके साथ ही जो स्वैब लेने की तकनीक है, उस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. यदि आपमें कोविड जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो आप मानकर चलें कि आपको कोरोना है और उसके हिसाब से ही कार्रवाई करें.

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