ऋचा भारती मामला: क़ुरान बांटने के आदेश पर कोर्ट का यू टर्न, सियासत गर्म

Jul 18 2019 12:04 PM
ऋचा भारती मामला: क़ुरान बांटने के आदेश पर कोर्ट का यू टर्न, सियासत गर्म

रांची : ऋचा भारती मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत का कुरान बांटने के आदेश पर यू-टर्न के बाद अब प्रदेश में राजनीति फिर तेज हो गई है। इस फैसले को सभी सही ठहरा रहे हैं, किन्तु विपक्ष सरकार और धार्मिक संगठनों पर हमला बोलने से परहेज नहीं कर रहा है। मामले पर कांग्रेस का कहना है कि अदालत का फैसला भाईचारा और सद्भावना का संदेश था, किन्तु लोग समझ नहीं सके। हालांकि दूसरे फैसले का भी कांग्रेस सम्मान करती है, क्योंकि विवादों पर विराम लग गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दुबे ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पहले भी ऐसे पोस्ट किए गए हैं, किन्तु कॉन्सपिरेसी के तहत सरकार के दबाव में पिठोरिया थाना ने कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह सब चुनाव को देखते हुए ही किया जा रहा है, क्योंकी ऐसे मुद्दों पर भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से राजनीति भी की गई। वहीं झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का कहना है कि अदालत के किसी फैसले पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, लेकिन इतना अवश्य कहा जा सकता है कि न्यायालय ने जन भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लिया।

झामुमो ने कहा कि कुछ भावनाओं को ठेस पहुंच रही थी, इसीलिए अदालत को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। हालांकि झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने इस पूरे मामले में अतिवादी संगठनों को ही घेरे में लिया है। इस पूरे मामले में भाजपा का कहना है कि ऐसे फैसले पर यू-टर्न लेकर अदालत ने ऐतिहासिक कार्य किया है। दोबारा ऐसी गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए, ताकि किसी की धार्मिक मान्यताओं को ठेस ना  पहुंचे।

कुलभूषण जाधव मामला: 1 रु वाले भारतीय वकील से हारा पाक का 20 करोड़ का वकील

भारत में एप्पल जल्द शुरू कर सकती है आइफोन का निर्माण कार्य

देश में वाहनों की बिक्री घटी, ये है बड़ा कारण