रमज़ान : रोज़ेदारों को पानी पिलाने से माफ़ हो जाते है गुनहगारों के गुनाह

रमज़ान का पाक महीना रहमतों का महीना कहा जाता है इस महीने में खुदा की रहमत बरसती है और इस महीने में खुदा उन सभी को अपनी रहमत देता है जो उसे याद करते हैं. यह महीना खुद की इबादत का महीना होता है और इस महीने में मुसलमा केवल खुदा की इबादत करते हैं और उनके लिए केवल खुदा ही सबसे ऊपर होता है खुदा के बाद उन्हें कोई नजर नहीं आता उनकी निगाहें केवल खुदा पर होती है. इस महीने में रोज़े रखने वालो को खूब रहमत मिलती है वह कैसे वो हम आपको बताते हैं.

जी दरअसल में कहा जाता है कि मुबारक महीना जन्नत को पूरी तरह सजा देता है और इस महीने में दोजख के जितने भी दरवाजे होते है उन्हें बंद कर दिया जाता है और जन्नत के दरवाजों को खोल दिया जाता है. इस महीने में अगर कोई गुनेहगार होता है और वह रोजा रखता है या फिर रोज़ेदारों को पानी पिलाता है तो उसे दोजख की आग छू भी नहीं सकती हैं. जी हाँ, रोज़ेदारों को पानी पिलाना सवाब का काम होता है. अगर कोई गुनेहगार भी रोज़ा रखकर रोज़ेदारों को पाने पिलाता है तो वह दोजख की आग से बच जाता है और उसे अल्लाह की रेहमत मिलती है.

 

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