रक्षा बंधन : रक्षा बंधन पर पंचक से ऐसे पाएं शुभ फल

Aug 19 2018 11:51 AM
रक्षा बंधन : रक्षा बंधन पर पंचक से ऐसे पाएं शुभ फल

रक्षाबंधन का पर्व हर साल श्रावण की पूर्णिमा को मनाया जाता है जो इस बार 26 अगस्त को आने वाला है. ज्योतिष के अनुसार रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर पंचक भी रहेगा जो रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व यानि 25 अगस्त से प्रारंभ होकर दिनांक 30 अगस्त तक रहेगा. रक्षाबंधन के दिन दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक 'धनिष्ठा' नक्षत्र रहेगा उसके बाद 'शतभिषा' नक्षत्र प्रारंभ होगा और ये दोनों ही पंचक के कारक हैं.

शास्त्रों में पाचक को अशुभ माना जाता है लेकिन इसी में अशुभता को दूर करने के लिए उपाय भी बताये गए हैं जिनसे आप इन दोषों को दूर कर सकते हैं. इस पर राखी का पर्व पंचक के बीच ही आ रहा है तो आइये जानते  हैं इसे शुभ बनाने का तरीका.

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* अगर आप रक्षाबंधन दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से पूर्व कर रहे हैं तो रक्षाबंधन से पूर्व भाई-बहन इस मंत्र का जाप 11 बार करें. 


'वसो पवित्रेति नम:'

मंत्र जपने के बाद राखी बांधने के पहले बहन अपने भाई को नारियल भेंट दे और उसके बाद राखी बांध सकते हैं.

* अगर आप रक्षाबंधन दोपहर 12 बजकर 35 मिनट के बाद करते हैं तो बंधन के पहले इस मंत्र का जाप 11 बार कर सकते हैं. मंत्र है-

'वरणस्तम्भेति नम:'.

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मंत्र के बाद अपने भाई को आम भेंट करें और उसके बाद राखी की प्रक्रिया शुरू करें. इन उपाय को करने से आपके पंचक दोष का निवारण होगा और शुभ फल प्राप्त होगा. 

इसी के साथ जान लीजिये राखी बांधने का सही समय -

अभिजित काल-दिन के 11 बजकर 55 मि. से- 12 बजकर 46 मि. तक 

शुभ - प्रात: 9 से 12 दोप. तक, दोप. 2 से 3 बजकर 30 मि., सायं 6 बजकर 40 मि. से- 9 बजकर 30 मि. तक.

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