'अब भी बताना पड़े कि किसे वोट देना है तो...', राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन को क्यों कहा 'ट्रेनिंग' ?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली की बॉर्डर्स पर 13 महीने चले किसान आंदोलन को एक ट्रेनिंग करार दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी उन्हें ही लोगों को बताना पड़े कि किसे वोट देना है या किसे नहीं, तो फिर ट्रेनिंग का क्या फायदा। टिकैत ने कहा कि अभी राज्य में हिंदू मुस्लिम और जिन्ना का भूत ढाई महीने और रहेगा। इसलिए लोग हिंदू-मुस्लिम वाली बातों में न आएँ।

अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र में एक शादी कार्य्रकम में पहुँचे राकेश टिकैत ने विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए कहा कि, अब भी यदि जनता को बताने की आवश्यकता पड़ी तो… 13 महीने तक दिल्ली में आंदोलन चला। इनकी सबकी ट्रेनिंग हुई। उसके बाद भी यदि अब भी इनको ये बताना पड़ा कि वोट कहाँ देनी है, तो इसका मतलब है कि हमारी ट्रेनिंग कच्ची है। उन्हें सब पता है कि क्या करना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टिकैत ने कहा कि, देश में अभी हिंदू- मुस्लिम और जिन्ना ढाई माह के प्रवास पर यूपी के सरकारी मेहमान हैं। वे 15 मार्च तक यहाँ पर रहेंगे। सरकार स्टेज से प्रवचन देगी, लेकिन हमें इनके प्रवचन में नहीं आना। हमें क्या पता किसकी सरकार बनेगी। मगर जनता इनको वोट नहीं देगी।'

राकेश टिकैत आगे बोले कि, हमें गठबंधन के बारे में नहीं पता। अभी तक मंत्री अजय मिश्रा टेनी को नहीं हटाया गया है। 31 तारीख को हमारा पूरा विरोध रहेगा। यहाँ जाति और धर्म के नाम पर वोट माँगा जाता है। जब तक लोग जाति और धर्म के नाम पर वोट देंगे, तब तक राज्य का विकास नहीं हो सकता है। बता दें कि इस से पहले राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत ने लोगों से सपा – RLD गठबंधन को वोट देने का अनुरोध किया था। मगर इसके महज 24 घंटों के भीतर ही वो अपने बयान से पलट गए थे। बाद में नरेश ने कहा था कि, 'भाजपा नेता हमारे दुश्मन नहीं है। यदि वे आते हैं तो उनका भी स्वागत होगा।'

'.. तो देश में शिवसेना का प्रधानमंत्री होता..', संजय राउत ने भाजपा को याद दिलाई 'बाबरी'

NCP सांसद अमोल कोल्हे ने फिल्म में निभाई 'गोडसे' की भूमिका, मचा बवाल

ओडिशा पंचायत चुनाव: 2.29 लाख से अधिक नामांकन पत्र दाखिल

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -