असम में उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले की गृह मंत्री ने सदन में की निंदा

नई दिल्ली : 5 अगस्त को असम के कोकराझार में एक साप्ताहिक बाजार में उग्रवादियों द्वारा की गई गोली बारी की नंदा करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए है कि हमले में शामिल उग्रवादियों को जल्दी ढुंढकर कड़ी सजा दी जाए।

इस मसले पर लोकसभा में बयान देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हमले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। हमले में घायल हुए लोगों को भी उच्च चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। राजनाथ सिंह ने अपने बयान में बताया कि हमले में मारे गए लोगों के संबंधियों को 5-5 लाख रुपए दिए गए है, जब कि गंभीर रुप से घायल लोगों को 1-1 लाख रुपए और सामान्य रुप से घायल लोगों को 20-20 हजार रुपए दिए जा रहे है।

उन्होने बताया कि हमले के संदर्भ में कोकराझार में एक मामला दर्ज किया गया है। हमले में 14 लोगों की जानें गई, जब कि एक उग्रवादी मारा गया। घर, दुकान व गाड़ी जलकर खाक हो गए है, जिस जगह उग्रवादियों द्वारा हमला किया गया था, वो जगह गुवाहाटी से करीब 200 किमी दूर है। कोकराझार के बालाजान में साप्ताहिक बाजार लगा था और उग्रवादियों ने यहां अचानक हमला कर दिया। खबरों के अनुसार, उग्रवादी एक टेंपो जैसे वैन में सवार होकर आए थे।

इस साप्ताहिक बाजार में राशन व सब्जी जैसे सामानों की दुकान लगाने वाले बेगुनाहों पर फायरिंग की गई। मौके पर ही 12 लोग मारे गए, जब कि दो की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हुई। उसी दौरान सुरक्षा बलों की गाड़ी वहां से गुजर रही थी, जिसने तुरंत मोर्चा संभाला। हमले के बाद से ही हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावर सेना की वर्दी में आए थे।

केंद्रीय एजेंसियों ने भी हमले की जांच शुरु कर दी है। असम के सीएम सर्वानंद सोनोवाल ने घटना की पूरी जानकारी पीएम नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री राजनाथ सिंह को दी। दिल्ली में सोनोवाल ने पीएम से इस मामले को लेकर मुलाकात भी की। गृह मंत्री ने बताया कि उग्रवादियों के पास एके 56 राइफल, दो मैगजीन, एख हथगोला व कई इलेक्ट्रोनिक साजोसामान मिले थे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं हमले की कड़ी निंदा करते हूं औऱ ऐसे समय में मेरी संवेदना मृतकों के परिजनों के साथ है। ईश्वर इस संकट की घड़ी में उनका साथ दें और उन्हें दुख सहने की क्षमता दें।

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